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संसद के शीतकालीन सत्र में राफेल से टकराएगा अगस्तावेस्टलैंड

Fri, 07 Dec 2018 12:25 AM IST
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली Updated Fri, 07 Dec 2018 12:25 AM IST
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Agustawestland and Rafale deal matter rase in winter session of Parliament
संसद - फोटो : self

संसद के शीतकालीन सत्र में दो घोटाले राजनीति का पारा चढ़ाएंगे। भाजपा जहां 101अगस्तावेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाले के जरिए कांग्रेस के नेताओं को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी कर रही है, वहीं कांग्रेस के नेताओं ने राफेल लड़ाकू विमान से इस मुद्दे पर टकराने की तैयारी तेज कर ली है। इसी के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी ने अगस्तावेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाले को लेकर मोदी सरकार नीयत पर भी सवाल उठाने की तैयारी की है। 

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कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी का कहना है कि निश्चित रूप से पार्टी के सांसद राफेल लड़ाकू विमान सौदे का मामला संसद के दोनों सदनों में उठाएंगे। यह भ्रष्टाचार से जुड़ा मुद्दा है और इसके आरोप सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हैं। प्रियंका कहना है कि फ्रांस में हुई जांच और मीडिया रिपोर्ट में कई तरह के तथ्य सामने आए हैं। इसलिए केन्द्र सरकार को यह बताना पड़ेगा कि वह संयुक्त संसदीय जांच दल के गठन, राफेल लड़ाकू विमान सौदे की जांच आदि से क्यों भाग रही है। 

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अगस्तावेस्टलैंड पर भी जवाब दे मोदी सरकार

प्रियंका चतुर्वेदी का कहना है कि विशिष्ट व्यक्तियों के लिए आने वाले अगस्तावेस्टलैंड हेलीकाप्टर सौदों में दलाली की सूचना मिलने के बाद जनवरी 2013 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। सौदे की शर्तों के आधार पर इसे रद्द करते हुए सरकार ने हेलीकाप्टर निर्माता कंपनी को ब्लैकलिस्टेड कर दिया था। सीबीआई को जांच का आदेश दे दिया था और इटली की अदालत में चल रहे मुकदमें भारत पार्टी बना था। सरकार ने अगस्तावेस्टलैंड की बैंक गारंटी और उनके देश में आए हेलीकाप्टर को जब्त कर लिया था। लेकिन 2014 में सत्ता में आई भाजपा सरकार ने इटली की अदालत के निर्णय के खिलाफ न ही कोई अपील दायर किया और न ही जांच में पारदर्शिता दिखाई। उल्टे मोदी सरकार ने अगस्तावेस्टलैंड की सिस्टर कंपनी फिनमेकैनिका के साथ टाटा के संयुक्त उद्यम को एफआईपीबी की परमीशन दे दिया। कंपनी को ब्लैट लिस्ट की सूची से बाहर निकाल दिया। ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल लगातार कह रहा है कि सरकार उस पर इस सौदे में कांग्रेस के नेताओं का नाम लेने का दबाव डाल रही है। प्रियंका का कहना है कि मिशेल के इस आरोप की भी जांच होनी चाहिए। 

राफेल घोटाला नहीं और कांग्रेस बताए अगस्तावेस्टलैंड क्या था

संसद के शीतकालीन सत्र में भाजपा के सांसद भी दोहरे जोश में हैं। सांसद केपी सिंह ने कहा कि अभी संसद का सत्र शुरू होने में समय है। इसलिए क्या होगा यह वरिष्ठ नेता तय करेंगे, लेकिन कांग्रेस को अगस्तावेस्टलैंड घोटाले में जवाब देना होगा। पार्टी के एक अन्य सांसद का कहना है कि इस घौटाले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम आया था। सीबीआई घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल से पूछताछ कर रही है। जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।  सूत्र बताते हैं कि अगस्तावेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाले को लेकर केन्द्र सरकार के कई मंत्री प्रेस वार्ता की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए अभी भाजपा के नेताओं को सीबीआई से क्रिश्चियन मिशेल की पूछताछ में सामने आने वाले तथ्य का भी इंतजार है। 

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बैकफुट पर चल रही भाजपा को मिली संजीवनी

राफेल लड़ाकू विमान सौदे में घोटाले के कांग्रेस के आरोप पर भाजपा बैकफुट पर थी। अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस डिफेस  को राफेल लड़ाकू विमान सौदे में ऑफसेट पार्टनर बनाए जाने के मुद्दे पर भी भाजपा के नेता खुलकर बयान देने से बच रहे थे। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रखी, लेकिन अगस्तावेस्टलैंड घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल का प्रत्यर्पण कराकर सीबीआई द्वारा भारत लाए जाने के प्रधानमंत्री ने भी देरी नहीं लगाई। उन्होंने राजस्थान की चुनावी सभा में राजदार के आने और मां-बेटे(सोनिया-राहुल) के राज उगलने की संभावना जता दी। माना जा रहा है कि मिशेल के प्रत्यर्पण के बाद से राफेल मुद्दे पर बैकफुट पर चल रही भाजपा को राजनीतिक संजीवनी मिल गई है।

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