अगस्ता वेस्टलैंड: विशेष अदालत में रतुल पुरी ने दाखिल की जमानत याचिका
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे और व्यवसायी रतुल पुरी ने दिल्ली की राउज एवेन्यू में अपने वकील विजय अग्रवाल के जरिए जमानत याचिका दाखिल की है। उनकी याचिका पर अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 22 नवंबर को होगी। बता दें कि पुरी अगस्ता वेस्टलैंड के मनी लांड्रिंग मामले में जेल में बंद हैं।
Delhi's Rouse Avenue Court issues notice to Enforcement Directorate on businessman Ratul Puri's bail plea in connection with AgustaWestland money laundering case. Next date of hearing is 22nd November. https://t.co/xUK9itq67U
— ANI (@ANI) November 16, 2019विज्ञापन
इससे पहले आठ नवंबर को ईडी ने पुरी पर 3600 करोड़ के वीवीआईपी चॉपर घोटाले में आरोपी राजीव सक्सेना को धमकाने का आरोप लगाया था। ईडी के आरोपपत्र में कहा गया है कि पुरी ने सक्सेना को अपने पिता और चाचा के खिलाफ साक्ष्यों को साझा न करने के लिए दबाव बनाया था।
जांच एजेंसी ने हिंदुस्तान पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (एचपीपीएल) के प्रमोटर पर साक्ष्यों को मिटाने के आरोप लगाए हैं। इस मामले में रतुल पुरी और सहयोगी नियामत सिंह के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान दस्तावेजों को जलाने के बाद राख को भी इकट्ठा कर उसकी जांच करने के आदेश दिए गए थे।
ईडी ने दो नवंबर को दायर चार्जशीट में कहा है कि पुरी ने सक्सेना की कंपनियों के नाम पर क्रिश्चियन मिशेल, कार्लोस गेरोसा और गुइडो हैस्के को बिचौलिया बनाकर घोटाले को अंजाम दिया। इनमें से दो आरोपियों को दुबई से लाया गया था, जो अभी न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में राजीव सक्सेना बाद में सरकारी गवाह बन गया, जिसके पास इस घोटाले से जुड़े दस्तावेज सहित कई और राज भी हैं।
आरोप पत्र में रतुल पुरी के पिता और कंपनी मोजर बेयर के एमडी दीपक पुरी के अलावा चाचा के भी शामिल होने की बात कही गई है, लेकिन नाम का खुलासा नहीं किया गया है। सक्सेना की ओर से पहले दिए गए बयानों से संबंधित डाटा या अन्य ब्योरा मुहैया करवाने में जल्दबाजी न करने और कुछ हिस्सों का ही खुलासा करने का दबाव बनाने का भी रतुल पुरी पर आरोप है।