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Agri: आम आदमी को महंगाई से मिलेगी राहत! कम हो सकते हैं गेहूं के रेट, इस साल दाल-मोटे अनाज का ऐसा रहेगा हाल

Tue, 04 Feb 2025 05:25 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 04 Feb 2025 05:25 PM IST
सार

Agriculture: दरअसल, देश में गेहूं का सामान्य रकबा 312.35 लाख हेक्टेयर ही है। इस हिसाब से गेहूं का वर्तमान रकबा बहुत अच्छा माना जा रहा है। पिछले तीन साल से देश में गेहूं का दाम उसकी एमएसपी से अधिक है।

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Agriculture: Common man will get relief from inflation Wheat prices may come down
इस साल घट सकती हैं गेहूं की कीमतें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस वर्ष रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं ने बुवाई में रिकॉर्ड बना दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के मुताबिक 31 जनवरी तक देश में 324.88 लाख हेक्टेयर में गेहूं बोया जा चुका है, जो 2023-24 की इसी अवधि के मुकाबले 6.55 लाख हेक्टेयर अधिक है। इस बार गेहूं की बम्पर बुवाई हुई है। ये अंतिम आंकड़ा है। अभी इससे ज्यादा उत्पादन होने की उम्मीद है। हालांकि इससे गेहूं के बढ़ते दाम को लेकर जो टेंशन बनी हुई है वह कम हो सकती है।
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दरअसल, देश में गेहूं का सामान्य रकबा 312.35 लाख हेक्टेयर ही है। इस हिसाब से गेहूं का वर्तमान रकबा बहुत अच्छा माना जा रहा है। पिछले तीन साल से देश में गेहूं का दाम उसकी एमएसपी से अधिक है। केंद्र सरकार ने साल 2025-26 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि प्रति क्विंटल औसत लागत 1182 रुपये आती है। कृषि मंत्रालय के मुताबिक 2023-24 के दौरान गेहूं की बुवाई का फाइनल आंकड़ा 341.57 लाख हेक्टेयर बताया गया था। इतनी खेती में 1132.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन हुआ था। इस बीच ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि 2025 में गेहूं की बुवाई के सारे रिकॉर्ड टूट जाएंगे।
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दलहन की बुवाई बढ़ी,तिलहन की घटी
इस बीच देश में दलहन फसलों की बुवाई में इजाफा हुआ है। फसल वर्ष 2024-25 में 31 जनवरी तक देश में 140.89 लाख हेक्टेयर एरिया में दलहन फसलों की बुवाई हुई है जो 2023-24 की इसी अवधि के मुकाबले 3.09 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। 31 जनवरी 2024 तक 137.80 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बुवाई हुई थी। चने की बुवाई 98.55 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 2.68 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
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वर्तमान सीजन में 31 जनवरी तक 97.47 लाख हेक्टेयर में तिलहन फसलों की बुवाई हुई है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 1.76 लाख हेक्टेयर कम है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक 99.23 लाख हेक्टेयर में तिलहन फसलें बोई जा चुकी थी सरसों की बुवाई सिर्फ 89.30 लाख हेक्टेयर में हुई है जो पिछले वर्ष के मुकाबले 2.53 लाख हेक्टेयर कम है। मूंगफली की बुवाई 3.65 लाख हेक्टेयर में हुई है जो पिछले वर्ष से मामूली अधिक है।


कृषि मंत्रालय ने बताया कि, मोटे अनाजों बुवाई 55.25 लाख हेक्टेयर में हुई है जो पिछले वर्ष से -0.21 लाख हेक्टेयर कम है। 31 जनवरी तक ज्वार की बुवाई 24.35 लाख हेक्टेयर में हुई है जो पिछले वर्ष से 3.01 लाख हेक्टेयर कम है। मक्के की बुवाई 23.67 लाख हेक्टेयर में हुई है जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 1.92 लाख हेक्टेयर अधिक है।
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