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Agnipath Scheme: सरकार ने की युवाओं से अपील- हम बातचीत के लिए तैयार, कहा- जरूरत पड़ी तो बदलाव भी करेंगे
Sat, 18 Jun 2022 10:05 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 18 Jun 2022 10:05 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, "मैं देश के युवाओं से अपील करना चाहता हूं कि हिंसा का रास्ता आपको कहीं नहीं ले जाएगा। लोकतंत्र में आपको विरोध करने का अधिकार है, लेकिन सरकारी संपत्ति में आग लगाने का नहीं। लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है।''
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को 'अग्निपथ योजना' का विरोध कर रहे युवाओं से हिंसा से दूर रहने और बातचीत के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि सरकार 'खुले दिमाग' से उनकी शिकायतों को देखने और 'यदि आवश्यक हो तो' बदलाव करने के लिए तैयार है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि 'अग्निपथ योजना' नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा भविष्य में देश को 'अधिक सुरक्षित' बनाने की दिशा में लिया गया एक 'ऐतिहासिक निर्णय' है और देश के युवाओं को 'अवसर' भी प्रदान करता है।
ठाकुर ने कहा कि देश के जो युवा सेना में भर्ती होना चाहते हैं, वे कभी भी हिंसा का रास्ता नहीं अपनाएंगे। लेकिन कुछ राजनीतिक दल, जो किसी भी बदलाव को रोकने के एजेंडे के तहत हर मौके की तलाश में रहते हैं, उन्होंने किसी पार्टी का नाम लिए बिना युवाओं को 'उकसाया' है।
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एक टीवी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सवाल का जवाब देते हुए कहा, ''मैं देश के युवाओं से अपील करना चाहता हूं कि हिंसा का रास्ता आपको कहीं नहीं ले जाएगा। लोकतंत्र में आपको विरोध करने का अधिकार है, लेकिन सरकारी संपत्ति में आग लगाने का नहीं। लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है।''
उन्होंने राजनीतिक दलों से युवाओं को न 'उकसाने' का भी आग्रह किया और उनसे अपने-अपने 'प्लेटफॉर्म या मीडिया' में इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त करने को कहा।
उन्होंने कहा, "यदि आपके पास कोई बेहतर सुझाव है, तो आप लोकतंत्र में अपने विचार अपने मंच, मीडिया पर रख सकते हैं या हमें बता सकते हैं। सरकार खुले दिमाग से विचार करने के लिए हमेशा तैयार है।"
मंत्री ने सुझाव दिया कि प्रदर्शन कर रहे युवा अपने राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों के माध्यम से या अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों और केंद्रीय मंत्रियों के माध्यम से अपनी शिकायत केंद्र सरकार के साथ बातचीत के लिए आ सकते हैं।
उन्होंने विरोध करने वालों से अपनी अपील में कहा, "आपके जो भी विचार हैं, आप सोशल मीडिया पर व्यक्त और साझा कर सकते हैं। आप अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं कि आप अग्निपथ योजना में क्या बदलाव चाहते हैं। लेकिन हिंसा में शामिल न हों।"
ठाकुर ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार का दृष्टिकोण यह है कि वह खुले दिमाग से सोचने और जरूरत पड़ने पर युवाओं और देशहित में योजना में संशोधन करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, 'बातचीत बहुत अच्छा माध्यम है... समाधान हिंसा से नहीं, बातचीत से निकलेगा। हम देश के युवाओं के हित में यह योजना लाए हैं।'
अग्निपथ योजना का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि नई योजना के तहत सुरक्षा बल में शामिल होने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति के बैंक खाते में 'उसके वेतन का कम से कम 25 लाख रुपये और चार साल की सेवा पूरी होने पर 11 लाख रुपये दिए जाएंगे।'
उन्होंने कहा, ''अगर वह 10वीं पास है, तो उसे 12वीं पास का सर्टिफिकेट मिलेगा। 12वीं के सर्टिफिकेट के साथ जॉइन करने वाले प्रावधान के साथ ग्रेजुएशन कर सकेंगे। इस योजना के तहत सशस्त्र बलों में शामिल होने वाले 'अलग-अलग कौशल' के साथ एक नया जीवन शुरू कर सकते हैं, जो वे सशस्त्र बलों में अपनी चार साल की सेवा के दौरान हासिल करेंगे। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले सभी लोगों में से 25 प्रतिशत सेना की सेवा करना जारी रखेंगे, शेष 75 प्रतिशत भर्तियों के पास अपनी सेवा के चार साल पूरे होने के बाद 'कई अवसर' होंगे।''
उन्होंने कहा, "देश के कॉरपोरेट जगत ने कहा है कि वे उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नियुक्त करने के लिए तैयार हैं। यह एक बहुत बड़ा कदम है जो कॉरपोरेट जगत ने उठाया है। इसके अलावा, केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों ने भी उन्हें काम पर रखने में प्राथमिकता देने की बात कही है।"
ठाकुर ने कहा कि उनका खेल और युवा मामलों का मंत्रालय भी ऐसे युवाओं के लिए एक अल्पकालिक पाठ्यक्रम लाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है ताकि उन्हें खेल क्षेत्र में प्रशिक्षकों या स्कूलों और कॉलेजों में शारीरिक शिक्षकों की नौकरी मिल सके।
उन्होंने कहा, "जब वे इतने फिट होते हैं कि वे सेना में शामिल हो सकते हैं, तो उनमें से कई खेल के साथ भी जुड़े होंगे। हम उन्हें 5-6 महीने के पाठ्यक्रम की पेशकश कर सकते हैं जो उन्हें खेल में शारीरिक प्रशिक्षण शिक्षकों या प्रशिक्षकों के योग्य बना सकते हैं ... हम इसके बारे में बहुत गंभीरता से सोच रहे हैं।"
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केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि 'अग्निपथ योजना' नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा भविष्य में देश को 'अधिक सुरक्षित' बनाने की दिशा में लिया गया एक 'ऐतिहासिक निर्णय' है और देश के युवाओं को 'अवसर' भी प्रदान करता है।
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ठाकुर ने कहा कि देश के जो युवा सेना में भर्ती होना चाहते हैं, वे कभी भी हिंसा का रास्ता नहीं अपनाएंगे। लेकिन कुछ राजनीतिक दल, जो किसी भी बदलाव को रोकने के एजेंडे के तहत हर मौके की तलाश में रहते हैं, उन्होंने किसी पार्टी का नाम लिए बिना युवाओं को 'उकसाया' है।
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एक टीवी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सवाल का जवाब देते हुए कहा, ''मैं देश के युवाओं से अपील करना चाहता हूं कि हिंसा का रास्ता आपको कहीं नहीं ले जाएगा। लोकतंत्र में आपको विरोध करने का अधिकार है, लेकिन सरकारी संपत्ति में आग लगाने का नहीं। लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है।''
उन्होंने राजनीतिक दलों से युवाओं को न 'उकसाने' का भी आग्रह किया और उनसे अपने-अपने 'प्लेटफॉर्म या मीडिया' में इस मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त करने को कहा।
उन्होंने कहा, "यदि आपके पास कोई बेहतर सुझाव है, तो आप लोकतंत्र में अपने विचार अपने मंच, मीडिया पर रख सकते हैं या हमें बता सकते हैं। सरकार खुले दिमाग से विचार करने के लिए हमेशा तैयार है।"
मंत्री ने सुझाव दिया कि प्रदर्शन कर रहे युवा अपने राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों के माध्यम से या अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों और केंद्रीय मंत्रियों के माध्यम से अपनी शिकायत केंद्र सरकार के साथ बातचीत के लिए आ सकते हैं।
उन्होंने विरोध करने वालों से अपनी अपील में कहा, "आपके जो भी विचार हैं, आप सोशल मीडिया पर व्यक्त और साझा कर सकते हैं। आप अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं कि आप अग्निपथ योजना में क्या बदलाव चाहते हैं। लेकिन हिंसा में शामिल न हों।"
ठाकुर ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार का दृष्टिकोण यह है कि वह खुले दिमाग से सोचने और जरूरत पड़ने पर युवाओं और देशहित में योजना में संशोधन करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, 'बातचीत बहुत अच्छा माध्यम है... समाधान हिंसा से नहीं, बातचीत से निकलेगा। हम देश के युवाओं के हित में यह योजना लाए हैं।'
अग्निपथ योजना का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि नई योजना के तहत सुरक्षा बल में शामिल होने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति के बैंक खाते में 'उसके वेतन का कम से कम 25 लाख रुपये और चार साल की सेवा पूरी होने पर 11 लाख रुपये दिए जाएंगे।'
उन्होंने कहा, ''अगर वह 10वीं पास है, तो उसे 12वीं पास का सर्टिफिकेट मिलेगा। 12वीं के सर्टिफिकेट के साथ जॉइन करने वाले प्रावधान के साथ ग्रेजुएशन कर सकेंगे। इस योजना के तहत सशस्त्र बलों में शामिल होने वाले 'अलग-अलग कौशल' के साथ एक नया जीवन शुरू कर सकते हैं, जो वे सशस्त्र बलों में अपनी चार साल की सेवा के दौरान हासिल करेंगे। इस योजना के तहत भर्ती होने वाले सभी लोगों में से 25 प्रतिशत सेना की सेवा करना जारी रखेंगे, शेष 75 प्रतिशत भर्तियों के पास अपनी सेवा के चार साल पूरे होने के बाद 'कई अवसर' होंगे।''
उन्होंने कहा, "देश के कॉरपोरेट जगत ने कहा है कि वे उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नियुक्त करने के लिए तैयार हैं। यह एक बहुत बड़ा कदम है जो कॉरपोरेट जगत ने उठाया है। इसके अलावा, केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों ने भी उन्हें काम पर रखने में प्राथमिकता देने की बात कही है।"
ठाकुर ने कहा कि उनका खेल और युवा मामलों का मंत्रालय भी ऐसे युवाओं के लिए एक अल्पकालिक पाठ्यक्रम लाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है ताकि उन्हें खेल क्षेत्र में प्रशिक्षकों या स्कूलों और कॉलेजों में शारीरिक शिक्षकों की नौकरी मिल सके।
उन्होंने कहा, "जब वे इतने फिट होते हैं कि वे सेना में शामिल हो सकते हैं, तो उनमें से कई खेल के साथ भी जुड़े होंगे। हम उन्हें 5-6 महीने के पाठ्यक्रम की पेशकश कर सकते हैं जो उन्हें खेल में शारीरिक प्रशिक्षण शिक्षकों या प्रशिक्षकों के योग्य बना सकते हैं ... हम इसके बारे में बहुत गंभीरता से सोच रहे हैं।"