उम्र बढ़ना सिर्फ बाहरी बदलाव नहीं: ये प्रक्रिया शरीर में कैसे शुरू होती? जानें पुरुषों और महिलाओं में क्या अलग
एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में सामने आया है कि उम्र बढ़ना केवल बाहरी बदलाव नहीं बल्कि शरीर की कोशिकाओं में होने वाली जटिल जैविक प्रक्रिया है। वैज्ञानिकों ने 21 अंगों की करीब 70 लाख कोशिकाओं का अध्ययन किया और पाया कि उम्र के साथ कई कोशिकाएं बदलती हैं। पुरुषों और महिलाओं में यह बदलाव अलग-अलग दिखाई देता है। आइए जानते हैं क्यों।
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उम्र बढ़ना केवल चेहरे की झुर्रियों या बालों के सफेद होने तक सीमित नहीं है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह पूरे शरीर में एक साथ चलने वाली जटिल जैविक प्रक्रिया है। शरीर के अलग-अलग अंगों की कोशिकाओं में समय के साथ कई बदलाव होते हैं। हाल में किए गए एक वैज्ञानिक अध्ययन में पता चला है कि उम्र बढ़ने की प्रक्रिया शरीर की कोशिकाओं के स्तर पर बहुत पहले शुरू हो जाती है।
वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में शरीर के 21 अंगों की करीब 70 लाख कोशिकाओं का विश्लेषण किया। इस शोध के आधार पर उम्र बढ़ने से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा सेलुलर एटलस तैयार किया गया है। अध्ययन में पाया गया कि लगभग एक-चौथाई कोशिका प्रकार समय के साथ बदलते हैं। इन बदलावों में करीब 40 प्रतिशत अंतर पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग दिखाई देता है।
उम्र बढ़ने की प्रक्रिया शरीर में कैसे शुरू होती है?
वैज्ञानिकों के अनुसार उम्र बढ़ना अचानक नहीं होता बल्कि धीरे-धीरे शुरू होता है। शोध में पाया गया कि कई कोशिकीय बदलाव जीवन के शुरुआती महीनों में ही शुरू हो जाते हैं। इससे संकेत मिलता है कि उम्र बढ़ना जीवन के आखिरी चरण की घटना नहीं बल्कि विकास की निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा है। शरीर के अलग-अलग अंगों में यह प्रक्रिया एक साथ चलती रहती है।
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पुरुषों और महिलाओं में क्या अलग दिखाई दिया?
अध्ययन में यह भी सामने आया कि उम्र से जुड़े कई बदलाव पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग तरीके से दिखाई देते हैं। उदाहरण के तौर पर महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली की सक्रियता ज्यादा देखी गई। वैज्ञानिकों का मानना है कि यही वजह हो सकती है कि महिलाओं में ऑटोइम्यून बीमारियां अपेक्षाकृत अधिक पाई जाती हैं। हालांकि इस संबंध में और शोध की जरूरत बताई गई है।
जीनोम के कौन से हिस्से बने वैज्ञानिकों के लिए अहम?
शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने डीएनए के उन हिस्सों का अध्ययन किया जिनकी सक्रियता उम्र के साथ बदलती है। लगभग 13 लाख जीनोमिक क्षेत्रों के विश्लेषण में करीब तीन लाख क्षेत्रों में उम्र से जुड़े बदलाव पाए गए। इनमें से लगभग एक हजार क्षेत्र ऐसे थे जो कई प्रकार की कोशिकाओं में समान रूप से सक्रिय पाए गए। इनका संबंध प्रतिरक्षा प्रणाली, सूजन और स्टेम सेल के रखरखाव से जुड़ा हुआ है।
इस शोध से भविष्य में क्या मदद मिल सकती है?
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस अध्ययन से उम्र से जुड़ी बीमारियों को समझने में मदद मिल सकती है। उम्र बढ़ने के साथ कैंसर, हृदय रोग और डिमेंशिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यदि उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के तरीके खोजे जा सकें तो एक साथ कई बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि जीनोम में मिले साझा हॉटस्पॉट भविष्य में एंटी-एजिंग उपचार के लिए अहम लक्ष्य बन सकते हैं।
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