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Women's Day: यूएन का सम्मान जीतने वालीं मेजर स्वाति बोलीं- महिलाओं को सशक्त बनाना स्थायी शांति में मददगार

Sun, 08 Mar 2026 11:54 PM IST
Shubham Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shubham Kumar Updated Sun, 08 Mar 2026 11:54 PM IST
सार

भारतीय सेना की मेजर स्वाति शांताकुमार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को सशक्त बनाने की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाना पूरे समुदाय को मजबूत करता है और स्थायी शांति लाने में मदद करता है। बता दें कि मेजर स्वाति को दक्षिण सूडान में लैंगिक हिंसा रोकने के लिए यूएन महासचिव पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया।

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International Women Day Major Swati who won UN honour said empowering women helps in achieving lasting peace
स्वाति शांताकुमार, भारतीय सेना की अधिकारी मेजर - फोटो : ANI

विस्तार

भारतीय सेना की अधिकारी मेजर स्वाति शांताकुमार ने कहा कि शांति स्थापना कोई साधारण या नियमित काम नहीं है, बल्कि इसमें वास्तविक बदलाव लाने के लिए रचनात्मकता और समावेशी सोच जरूरी होती है। उन्हें दक्षिण सूडान में लैंगिक हिंसा के खिलाफ काम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने यूएन महासचिव पुरस्कार 2025 ( लैंगिक श्रेणी) से सम्मानित किया।

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शांताकुमार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संघर्षग्रस्त दक्षिण सूडान के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाना पूरे समुदाय को मजबूत करता है और यह स्थायी शांति लाने में मदद करता है। मेजर स्वाति ने यूएन मिशन के तहत दक्षिण सूडान के मलाकल शहर में 18 महीने तक महिला सैन्य संपर्क टीम का नेतृत्व किया।
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यूएन के सबसे बड़े मिशनों में एक- शांताकुमार
उन्होंने बताया कि यह यूएन के दुनिया के सबसे बड़े शांति मिशनों में से एक है। इसमें लगभग 20,000 सैन्य, पुलिस और नागरिक कर्मी 75 देशों से तैनात हैं। शांताकुमार ने बताया कि उनकी टीम ने बराबर भागीदार, स्थायी शांति पहल के तहत स्थानीय महिलाओं के साथ विश्वास कायम किया, सुरक्षित स्थान बनाए और उनकी समस्याओं पर काम किया।

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इसके साथ ही भरोसा बढ़ने के बाद महिलाओं ने संघर्ष से जुड़े यौन हिंसा जैसे गंभीर मुद्दे साझा किए। इन मामलों को आगे मदद के लिए बाल संरक्षण इकाई और लिंग प्रकोष्ठ को भेजा गया। बंगलूरू की रहने वाली मेजर स्वाति 2018 से भारतीय सेना में सेवा दे रही हैं और कॉर्प्स ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स से जुड़ी हैं।

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