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Hindi News ›   India News ›   AG Mukul Rohatgi to SC using pellet guns is the last resort

मोदी सरकार ने SC से कहा- पत्थरबाजों के मुकाबले को बना रहे सीक्रेट हथियार

Mon, 10 Apr 2017 02:53 PM IST
amarujala.com- Presented by: मोहित
amarujala.com- Presented by: मोहित Updated Mon, 10 Apr 2017 02:53 PM IST
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 AG Mukul Rohatgi to SC using pellet guns is the last resort
- फोटो : PTI

जम्मू-कश्मीर में पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच के सामने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने बताया कि पैलेट गन का इस्तेमाल ही एक आखिरी विकल्प है और इसका उद्देश्य किसी को मारना नहीं है।

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अटॉर्नी जनरल ने शीर्ष अदालत को ये भी बताया कि वो पैलेट गन की जगह अन्य उपायों को ढूंढ़ने की भी कोशिश कर रहे हैं, जिसमें पैलेट गन की जगह रबर बुलेट का भी इस्तेमाल शामिल है। रोहतगी ने कोर्ट को ये भी बताया कि रबर बुलेट, पैलेट गन की तरह प्रभावी नहीं है। वहीं पावर शेल, आंसू गैस, लेजर की चकाचौंध और एकॉस्टिक उपाय भी उतने प्रभावी नहीं है।
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उन्होंने ये भी बताया कि भीड़ को हटाने के लिए सेना कम घातक तरीके खोजने पर भी काम कर रही है जिससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा। हालांकि उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों की वजह से इनके नामों का खुलासा सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
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रोहतगी ने कोर्ट को ये भी बताया कि जबतक प्रदर्शनकारी हिंसक नहीं होते और सेना के करीब नहीं जाते हैं तब तक पैलेट गन प्रयोग में नहीं लाई जा रही हैं।  

इससे पहले शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से पैलेट गन की जगह कोई दूसरा विकल्प तलाश करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दो हफ्ते का समय देते हुए कहा था कि ऐसे विकल्प निकालो जिससे दोनों पक्षों में से किसी को नुकसान न पहुंचे।


गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने एक याचिका दायर कहा था कि सेना द्वारा पैलेट गन का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। पिछले साल घाटी में आतंकी बुरहान वानी की मौत पर भड़के माहौल में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था जिसमें कई लोगों की मौत और कई लोग घायल हो गए थे। जिसके बाद एसोसिएशन की ओर से यह याचिका दायर की गई। 

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