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Odisha: 'बाल पोर्नोग्राफी मामलों की जांच के लिए बनेगी समर्पित टास्क फोर्स', सुप्रीम फैसले के बाद ओडिशा सरकार

Tue, 24 Sep 2024 12:25 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 24 Sep 2024 12:25 AM IST
सार

ओडिशा सरकार ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशों के अनुरूप, राज्य बाल दुर्व्यवहार के पीड़ितों के लिए व्यापक सहायता सेवाओं में निवेश करेगा, जिससे उन्हें पुनर्प्राप्ति के लिए आवश्यक देखभाल और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

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After Supreme Court decision Odisha govt says dedicated task force to formed investigate child video cases
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी - फोटो : PTI

विस्तार

ओडिशा में बाल पोर्नोग्राफी के मामलों की जांच और मुकदमा चलाने के लिए एक समर्पित टास्क फोर्स बनेगी। सरकार ने सोमवार को कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करेगी, जिसमें कहा गया है कि बाल पोर्नोग्राफी देखना और डाउनलोड करना यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण पॉक्सो अधिनियम, 2012 के तहत अपराध हो सकता है। साथ ही सरकार ने लोगों से कमजोर बच्चों की सुरक्षा के लिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की है।

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ओडिशा सरकार ने एक बयान जारी कर कहा कि राज्य सभी रूपों में बाल यौन शोषण को खत्म करने के उद्देश्य से कड़े कानूनी ढांचे को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। कहा, 'राज्य बाल पोर्नोग्राफी के प्रसार और उपभोग से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाएगा। इसमें ऐसे अपराधों की जांच और मुकदमा चलाने के लिए समर्पित कार्य बलों की स्थापना शामिल है।'
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ओडिशा सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि ऐतिहासिक निर्णय एक शक्तिशाली संदेश भेजता है कि राज्य बाल यौन शोषण के किसी भी रूप को बर्दाश्त नहीं करेगा। यह हमारे बच्चों की रक्षा करने, उनकी सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी को मजबूत करता है।


बयान में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट की सिफारिशों के अनुरूप, राज्य बाल दुर्व्यवहार के पीड़ितों के लिए व्यापक सहायता सेवाओं में निवेश करेगा, जिससे उन्हें पुनर्प्राप्ति के लिए आवश्यक देखभाल और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

एक अग्रणी फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी बाल अश्लील सामग्री को अपने पास रखना पॉक्सो और आईटी कानूनों के तहत अपराध माना जाएगा, भले ही उन्हें आगे प्रसारित न किया गया हो।

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