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BRICS: दक्षिण अफ्रीका के बाद ब्राजील के बदले रुख ने पलट दी बाजी, पाकिस्तान को रोकने में मिली कामयाबी
Sat, 26 Aug 2023 06:08 AM IST
जलज मिश्रा
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
Published by: जलज मिश्रा
Updated Sat, 26 Aug 2023 06:08 AM IST
सार
विस्तार पर सहमति बनने के बाद भारत अपने करीबी यूएई को नए सदस्यों की सूची में शामिल कराने और पाकिस्तान का रास्ता फिलहाल रोकने में कामयाब हुआ।
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ब्रिक्स
- फोटो : SOCIAL MEDIA
विस्तार
लंबी माथापच्ची यह तय हो गया कि सऊदी अरब, ईरान, यूएई, अर्जेंटीना, इथियोपिया और मिस्र ब्रिक्स के नए सदस्य होंगे। जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स सम्मेलन में समूह के विस्तार पर सभी सदस्य देशों ने सहमति दे दी। इस मामले में दक्षिण अफ्रीका के बाद ब्राजील के बदले रुख ने चीन की राह आसान कर दी। चूंकि रूस पहले ही इस मामले में चीन के साथ था। ऐसे में बदले हालात में चीन अपनी वैश्विक कूटनीति के लिए अहम देशों सऊदी अरब, ईरान, अर्जेंटीना और इथियोपिया के लिए ब्रिक्स में जगह बनाने में कामयाब हो गया।
भारत चाहता था कि ब्रिक्स के विस्तार से पहले ब्रिक्स बैंक कहे जाने वाले न्यू डेवलपमेंट बैंक का विस्तार हो। आर्थिक विकेंद्रीकरण के लिए ग्लोबल साउथ के देशों की अपनी वित्तीय एजेंसियां हो। ब्रिक्स में उन्हीं देशों को शामिल किया जाए जो ब्रिक्स बैंक का भी सदस्य हो। इस मामले में पहले दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील की भी यही राय थी। हालांकि जोहानिसबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के बाद ब्राजील का भी रुख बदल गया। विस्तार पर सहमति बनने के बाद भारत अपने करीबी यूएई को नए सदस्यों की सूची में शामिल कराने और पाकिस्तान का रास्ता फिलहाल रोकने में जरूर कामयाब हुआ।
द. अफ्रीकी वैज्ञानिकों से मिले मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को दक्षिण अफ्रीका के प्रमुख वैज्ञानिकों से साथ मुलाकात कर रोग जांच, ऊर्जा के भविष्य और सतत विकास के समाधान खोजने आदि पर चर्चा की। उनकी आनुवंशिकीविद् और दक्षिण अफ्रीका विज्ञान अकादमी की सीईओ डॉ. हिमला सूदयाल के साथ लंबी चर्चा हुई। इस दौरान उन्होंने मानव आनुवंशिकी बदलाव और रोग जांच में उनके अनुप्रयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने सूदयाल को भारत भी बुलाया। पीएम की रॉकेट विज्ञानी और गैलेक्टिक एनर्जी वेंचर्स के सीईओ सियाबुलेला जुजा के साथ बातचीत भी काफी शानदार रही। एजेंसी
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भविष्य में बढ़ेगा ब्रिक्स और चीन का दबदबा
वर्तमान में ब्रिक्स की वैश्विक जनसंख्या और जीडीपी में हिस्सेदारी क्रमश: 40 फीसदी और एक तिहाई है। नए सदस्यों के आने से यह हिस्सेदारी और बढ़ जाएगी। चीन की योजना विस्तार के जरिए ब्रिक्स को जी-7 से अधिक ताकतवर बनाना है। चूंकि ब्रिक्स पर चीन की छाप अभी से दिख रही है। ऐसे में ब्रिक्स की ताकत बढऩे से वैश्विक मंच पर चीन का भी दबदबा बढ़ेगा।
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भारत चाहता था कि ब्रिक्स के विस्तार से पहले ब्रिक्स बैंक कहे जाने वाले न्यू डेवलपमेंट बैंक का विस्तार हो। आर्थिक विकेंद्रीकरण के लिए ग्लोबल साउथ के देशों की अपनी वित्तीय एजेंसियां हो। ब्रिक्स में उन्हीं देशों को शामिल किया जाए जो ब्रिक्स बैंक का भी सदस्य हो। इस मामले में पहले दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील की भी यही राय थी। हालांकि जोहानिसबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के बाद ब्राजील का भी रुख बदल गया। विस्तार पर सहमति बनने के बाद भारत अपने करीबी यूएई को नए सदस्यों की सूची में शामिल कराने और पाकिस्तान का रास्ता फिलहाल रोकने में जरूर कामयाब हुआ।
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द. अफ्रीकी वैज्ञानिकों से मिले मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को दक्षिण अफ्रीका के प्रमुख वैज्ञानिकों से साथ मुलाकात कर रोग जांच, ऊर्जा के भविष्य और सतत विकास के समाधान खोजने आदि पर चर्चा की। उनकी आनुवंशिकीविद् और दक्षिण अफ्रीका विज्ञान अकादमी की सीईओ डॉ. हिमला सूदयाल के साथ लंबी चर्चा हुई। इस दौरान उन्होंने मानव आनुवंशिकी बदलाव और रोग जांच में उनके अनुप्रयोग पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने सूदयाल को भारत भी बुलाया। पीएम की रॉकेट विज्ञानी और गैलेक्टिक एनर्जी वेंचर्स के सीईओ सियाबुलेला जुजा के साथ बातचीत भी काफी शानदार रही। एजेंसी
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भविष्य में बढ़ेगा ब्रिक्स और चीन का दबदबा
वर्तमान में ब्रिक्स की वैश्विक जनसंख्या और जीडीपी में हिस्सेदारी क्रमश: 40 फीसदी और एक तिहाई है। नए सदस्यों के आने से यह हिस्सेदारी और बढ़ जाएगी। चीन की योजना विस्तार के जरिए ब्रिक्स को जी-7 से अधिक ताकतवर बनाना है। चूंकि ब्रिक्स पर चीन की छाप अभी से दिख रही है। ऐसे में ब्रिक्स की ताकत बढऩे से वैश्विक मंच पर चीन का भी दबदबा बढ़ेगा।