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रेलवे को ट्रैक पर वापस लाना गोयल के लिए होगा बड़ा चैलेंज

Tue, 05 Sep 2017 09:55 AM IST
अमर उजाला, डिजिटल ब्यूरो
अमर उजाला, डिजिटल ब्यूरो Updated Tue, 05 Sep 2017 09:55 AM IST
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After Rail accidents rail minister Piyush Goyal Faces hard task Of Bring the railway back on track
- फोटो : social media

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रविवार को किए गए अपने मंत्रिमंडल के तीसरे फेरबदल में पीयूष गोयल को रेल मंत्री बनाया गया है। बताते चलें कि पिछले दिनों हुए रेल हादसों के बाद तात्कालिक रेल मंत्री सुरेश प्रभु और सरकार को लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था।

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इस बात को मद्देनजर रखते हुए पीयूष गोयल को नए रेल मंत्री का जिम्मा सौंपा गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक गोयल को रेल मंत्रालय की कमान उस वक्त दी गई है जब पिछले रेल हादसे एक दशक में सबसे ज्यादा लोगों की जान गई है। 
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रेल मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद पीयूष गोयल ने ट्वीट कर इशारा दिया कि उनकी नई जिम्मेदारी मेें रेलवे की प्रगति ही उनका लक्ष्य है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु से उन्होंने रेलवे की मशाल अपने हाथ में ले ली है। अब उनका एक मात्र लक्ष्य है कि रेलवे के जरिए भारत के लोगों को बेहतर गतिशीलता, संपर्क और सेवा प्रदान कराना है। 
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नवनियुक्त रेल मंत्री के लिए बड़ी चुनौती है कि वह जल्द से जल्द रेल व्यवस्था में बुनियादि सुधार कर रेलगाड़ियों को फिर पटरी पर लाएं। क्योंकि पिछले दिनों हुए रेल हादसों में हुई मौतों के बाद रेल मिनिस्ट्री की विश्वसनीयता पर उठे सवालों के बाद उन्हें दोबारा जनता के विश्वास को जीतना है। साथ ही उन्हें रेलवे की आधुनिकीकरण की रफ्तार, क्षमता विस्तार और तकनीकी प्रगति पर ध्यान देना है। इसके अलावा नौकरशाही के साथ सही तरह से सामजस्य बैठाना होगा। 

हालांकि रेलवे की तेज प्रगति के लिए पीयूष गोयल को नौकरशाही को ठीक तरह से हैंडल करना होगा, जो अड़ियल रूप से धीमे काम करने के लिए जानी जाती रही है। नौकरशाही को अपने पक्ष में करने में सुरेश प्रभु भी सफल नहीं हो पाए। गौरतलब है कि पिछले महीने जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर सुरेश प्रभु ने रेल मंत्री के पद से इस्तीफा देने के संबंध में मिले थे, उसके बाद से वह ऑफिस नहीं गए।

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