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एस. सोमनाथ: इसरो चीफ बोले- चंद्र मिशन के बाद शुक्र ग्रह पर अंतरिक्ष एजेंसी की नजर; उपराष्ट्रपति से की मुलाकात

Tue, 26 Sep 2023 11:29 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 26 Sep 2023 11:29 PM IST
सार

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) प्रमुख एस सोमनाथ ने मंगलवार को कहा कि चंद्र मिशन की सफलता के बाद इसरो का फोकस लुप्त हो रहे तारों और बाह्य ग्रहों के रहस्यों को खोलने पर है।

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After moon mission, ISRO eyes Venus, exo-planets: Somanath
इसरो प्रमुख एस सोमनाथ - फोटो : विकीपीडिया

विस्तार

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) प्रमुख एस सोमनाथ ने मंगलवार को कहा कि चंद्र मिशन की सफलता के बाद इसरो का फोकस लुप्त हो रहे तारों और बाह्य ग्रहों के रहस्यों को खोलने पर है। वह भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (आईएनएसए) द्वारा आयोजित एक व्याख्यान में बोल रहे थे। 

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सोमनाथ ने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी शुक्र ग्रह का अध्ययन करने के लिए एक मिशन, अंतरिक्ष जलवायु और पृथ्वी पर इसके प्रभाव का अध्ययन करने के लिए दो उपग्रहों और मंगल ग्रह पर एक अंतरिक्ष यान उतारने की योजना बना रही है। 
 

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उन्होंने कहा कि एक्सपोसैट या एक्स-रे पोलारिमीटर उपग्रह, जो चमकीले एक्स-रे पल्सर या सितारों का अध्ययन करने के लिए है, जो मृत्यु की प्रक्रिया में हैं, इस साल दिसंबर में लॉन्च के लिए तैयार था। सोमनाथ ने कहा, 'हम एक्सोवर्ल्ड्स नामक एक उपग्रह की भी योजना पर काम कर रहे हैं, जो हमारे सौर मंडल के बाहर के एक्सो-सोलर ग्रहों या ग्रहों को देखने और अन्य सितारों की परिक्रमा करने के लिए एक मिशन है।'
 

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उन्होंने कहा कि पांच हजार से ज्यादा ज्ञात एक्सो-प्लेनेट हैं, जिनमें से कम से कम 100 को वायुमंडल माना जाता है। एक्सोवर्ल्ड्स मिशन एक्सो-प्लेनेट के वातावरण का अध्ययन करेगा और पता करेगा कि क्या वे रहने योग्य हैं या उनमें जीवन संभव है। सोमनाथ ने कहा कि मार्स लैंडर मिशन की योजना भी अभी अवधारणा के स्तर पर है।
 

शुक्र ग्रह का अध्ययन करने की आवश्यकता पर इसरो प्रमुख ने कहा कि इस ग्रह पर सतह के पास पृथ्वी के 100 गुना वायुमंडलीय दबाव वाला वातावरण भी है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों को शुक्र की सतह के पास उच्च वायुमंडलीय दबाव के कारणों का पता नहीं है। उन्होंने कहा कि शुक्र ग्रह को ढंकने वाले घने बादल एसिड से भरे हुए हैं और कोई सतह को भेद भी नहीं सकता है।
 

इसरो प्रमुख सोमनाथ ने की धनखड़ से मुलाकात 
इसरो प्रमुख ने आज उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से भी मुलाकात की। उपराष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक की तस्वीरें पोस्ट कीं। भारत ने पिछले महीने इतिहास रचा था जब चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरा था।

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