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मुंबई: पांच मंजिला इमारत ढहने से मौत का आंकड़ा बढ़कर पहुंचा 34, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
amarujala.com- Presented By- अभिषेक तिवारी
Updated Fri, 01 Sep 2017 10:57 AM IST
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देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में दो दिन से जारी भारी बारिश मौत बनकर आई। बारिश की चपेट में आने से बृहस्पतिवार को दक्षिण मुंबई के भिंडी बाजार इलाके में एक पांच मंजिला रिहाइशी इमारत ढह गई। इस हादसे में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। खबर के मुताबिक हादसे में करी 34 लोगों की मौत हो गई और 15 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
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वहीं मलबे में करीब 30 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है।भिंडी बाजार में पाकमोडिया स्ट्रीट स्थित हुसैनी इमारत करीब सुबह साढे़ आठ बजे गिरी। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक एक दर्जनभर परिवार मलबे में दब चुके थे।
पढ़ें- तस्वीरों में देखिए तबाही का मंजर, कैसे मुंबई में जमींदोज हो गई बहुमंजिला इमारत?
चीख-पुकार के बीच स्थानीय लोग जमा हो गए। करीब 8.40 बजे फायर ब्रिगेड के 125 सदस्यीय राहत-बचाव टीम और एनडीआरएफ के 95 जवान मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को निकालना शुरू कर दिया।
बचाव के दौरान दो दमकलकर्मी भी घायल हो गए। इमारत तीन मंजिला थी जबकि ऊपर की दो मंजिल अवैध तरीके से बनाई गई थी। इस इमारत में करीब 12 फ्लैट थे और भूतल पर 12 कमरे और छह गोदाम बने हुए थे जिसमें 10 से 12 परिवार रह रहे थे। इमारत करीब सौ साल पुरानी बताई गई है। जो जर्जर अवस्था में थी।
इसके बगल की तीन इमारतों को पहले ही गिरा दिया गया था। लेकिन, इसे छोड़ दिया गया था। हुसैनी इमारत की पहली मंजिल पर एक प्ले स्कूल भी था जिसमें करीब 35 छोटे बच्चे पढ़ने आते थे। बच्चे नौ बजे प्ले स्कूल में पढ़ने आने वाले थे लेकिन, उससे पहले ही इमारत ढह गई।
महाराष्ट्र हाऊसिंग डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) की इस इमारत को 2013 में खतरनाक घोषित किया गया था। मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इस इमारत के पुनर्विकास की मंजूरी के साथ मई 2016 में ही इस इमारत को गिराने की अनुमति दी गई थी।
कुछ लोग अपना घर खाली कर दिए थे जबकि कुछ इसमें रह रहे थे। उन्होंने अपर मुख्य सचिव (हाउसिंग) को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पुनर्विकास में कोताही बरतने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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#MumbaiBuildingCollapse Death toll rises to 34 and 15 injured
— ANI (@ANI) September 1, 2017विज्ञापन
#WATCH #MumbaiBuildingCollapse: Operations continue in Bhendi Bazar; 13 rescued safely, 31 deaths in the incident so far. pic.twitter.com/IXwnS0lQXL
— ANI (@ANI) September 1, 2017
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वहीं मलबे में करीब 30 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है।भिंडी बाजार में पाकमोडिया स्ट्रीट स्थित हुसैनी इमारत करीब सुबह साढे़ आठ बजे गिरी। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक एक दर्जनभर परिवार मलबे में दब चुके थे।
पढ़ें- तस्वीरों में देखिए तबाही का मंजर, कैसे मुंबई में जमींदोज हो गई बहुमंजिला इमारत?
चीख-पुकार के बीच स्थानीय लोग जमा हो गए। करीब 8.40 बजे फायर ब्रिगेड के 125 सदस्यीय राहत-बचाव टीम और एनडीआरएफ के 95 जवान मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को निकालना शुरू कर दिया।
बचाव के दौरान दो दमकलकर्मी भी घायल हो गए। इमारत तीन मंजिला थी जबकि ऊपर की दो मंजिल अवैध तरीके से बनाई गई थी। इस इमारत में करीब 12 फ्लैट थे और भूतल पर 12 कमरे और छह गोदाम बने हुए थे जिसमें 10 से 12 परिवार रह रहे थे। इमारत करीब सौ साल पुरानी बताई गई है। जो जर्जर अवस्था में थी।
इसके बगल की तीन इमारतों को पहले ही गिरा दिया गया था। लेकिन, इसे छोड़ दिया गया था। हुसैनी इमारत की पहली मंजिल पर एक प्ले स्कूल भी था जिसमें करीब 35 छोटे बच्चे पढ़ने आते थे। बच्चे नौ बजे प्ले स्कूल में पढ़ने आने वाले थे लेकिन, उससे पहले ही इमारत ढह गई।
महाराष्ट्र हाऊसिंग डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) की इस इमारत को 2013 में खतरनाक घोषित किया गया था। मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इस इमारत के पुनर्विकास की मंजूरी के साथ मई 2016 में ही इस इमारत को गिराने की अनुमति दी गई थी।
कुछ लोग अपना घर खाली कर दिए थे जबकि कुछ इसमें रह रहे थे। उन्होंने अपर मुख्य सचिव (हाउसिंग) को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पुनर्विकास में कोताही बरतने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।