संघ प्रमुख के खिलाफ पोस्ट पर पांच दिन बाद एफआईआर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का बयान बताकर झांसी डाट काम नाम के वेब पोर्टल पर झूठ पोस्ट कर दिए जाने के मामले में पुलिस ने तहरीर मिलने के पांच दिन बाद एफआईआर दर्ज की है। वो भी तब जबकि भाजपाई और स्वयंसेवकों ने पुलिस अधिकारियों के घेराव की तैयारी करना शुरू कर दिया था।
पोर्टल पर संघ प्रमुख का बयान बताकर पोस्ट किया गया था ‘महिलाओं को करना चाहिए चूल्हा और चौका, न करने वाली को दें तलाक। इसकी जानकारी पर भाजपाई और स्वयंसेवक भड़़क गए थे। संजीव यादव ने हरीपर्वत थाने में 24 अगस्त को तहरीर दी थी। इससे पहले इसे साइबर सेल को भेजा गया था।
सोमवार को हरीपर्वत थाना में ही धोखाधड़ी की धारा और आईटी एक्ट में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उधर, एफआईआर दर्ज कराने के लिए भाजपाई और संघ के स्वयंसेवक एक दो दिन में एसएसपी का घेराव करने की तैयारी कर रहे थे।
फेसबुक पर भी यह पोस्ट डाली गई थी
झांसी टाइम्स वेब पोर्टल पर यह बयान 19 अगस्त को पोस्ट किया गया था। इसकी फेसबुक पर भी यह पोस्ट डाली गई थी। इस पोर्टल को केपी सिंह, प्रमोद कुमार और विनोद कुमार द्वारा चलाया जा रहा है।
बता दें, पिछले सप्ताह मोहन भागवत आगरा आए हुए थे। इसी दौरान सोनू बौद्ध नाम के युवक नेफेसबुक पर उनके लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। इस मामले की जांच अभी चल रही है। एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
इससे पहले संघ के स्वयंसेवक अजीत सिंह ने कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसमें आरोप था कि पुराने फोटो का गलत इस्तेमाल करके संघ को बदनाम किया गया है। इस मामले में अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है।