अब पूरी स्क्रीनिंग के बाद ही संसद में प्रवेश कर सकेंगे माननीय
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आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान द्वारा संसद भवन की सुरक्षा को धता बताए जाने के बाद इसे एक बार फिर से चाक चौबंद बनाया जा रहा है। कुछ इस तरह कि भवन परिसर में प्रवेश करने वाला हर परिंदा इजाजत लेकर आए-जाए। माननीयों के वाहन भी अब कंपलीट स्क्रीनिंग के बाद ही परिसर में प्रवेश कर सकेंगे। इसके लिए बाकायदा संसद भवन के भीतर जाने वाले हर रास्ते पर अंडरग्राऊंड स्कैनर और सेंसर लगाए जा रहे हैं। ताकि गुजरने वाले हर वाहन की पूरी पड़ताल की जा सके।
सूत्र बताते हैं कि उड़ी में आतंकी हमला और सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सुरक्षा के कुछ और मानक इसमें जोड़े गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। संसद भवन के चारों तरफ करीब तीन किमी का क्षेत्र नो फ्लाई जोन में आता है। आसमान में इस क्षेत्र की निगरानी के लिए नई पहल की जा रही है।
इसके लिए आधुनिक तकनीक पर आधारित इलेक्ट्रानिक उपकरणों को इंस्टाल किया जा रहा है। विदेशों से आयात उपकरणों के जरिए चप्पे-चप्पे पर निगाह रखने का खाका तैयार हो रहा है। आर्मर वाहन तथा विशेष कमांडो दस्ते की संख्या भी बढ़ाई जा रही है और सुरक्षा में तैनात कर्मियों को नये सिरे से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि संसदीय सुरक्षा में सेंध लगने की संभावना को खत्म किया जा सके।
अंडरग्राऊंड वाहन स्क्रीनिंग प्रणाली का होगा इस्तेमाल
वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार सुरक्षा तैयारियों के अंतर्गत एक अक्टूबर से संसद भवन के सभी गेट पर अंडरग्राऊंड वाहन स्क्रीनिंग प्रणाली को लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसे लगाने की प्रक्रिया को 20 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इस प्रणाली के प्रभाव में आने के बाद संसद भवन के भीतर गुजरने वाली हर गाड़ी की कंप्लीट स्क्रीनिंग की जा सकेगी।
परिसर के गेट से कुछ दूर से वाहन को पहचानने की प्रक्रिया शुरू होगी तथा वाहन के द्वार पर आते ही गाड़ी के नीचे अथवा इसके अन्य हिस्से में किसी विस्फोटक, आईईडी आदि के होने का पता लगाया जा सकेगा। इस तरह से समय रहते किसी बड़े हादसे को रोका जा सकेगा। ऐसे ही संसद परिसर और भवन के भीतर आने-जाने वाले हर व्यक्ति की गतिविधि को मॉनिटर करने के लिए उच्च गुणवत्ता के इलेक्ट्रानिक उपकरणों की मदद ली जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि ऐसा आतंकी हमले की संभावना तथा संसद भवन की सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर किया जा रहा है।
गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने संसद के भीतर प्रवेश द्वार से लेकर कई स्थानों की वीडियो फुटेज सोशल मीडिया साइट पर डाल दिया था। मान के इस आचरण पर संसद भवन में भी चिंता जताई गई थी। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ के तौर पर देखा गया था। सूत्र का कहना है कि तभी से संसद भवन की सुरक्षा को चाक चौबंद करने के लिए प्रयास चल रहे हैं, लेकिन उड़ी में 18 सितंबर को हुए आतंकी हमले तथा सर्जिकल स्ट्राइक के बाद इसमें कई बदलाव करके सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाया जा रहा है।