बिहार के बाद अब इस बड़े राज्य में पूरी तरह से बैन हो सकती है शराब
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बिहार में पूर्ण शराब बंदी के बाद अब देश का एक और बड़ा राज्य इस ओर कदम बढ़ा सकता है। इस बाबत विधानसभा में कुछ विधायकों ने यह सवाल भी खड़े किए कि जब बिहार में पूर्ण शराब बंदी हो सकता है तो हमारे राज्य में क्यों नहीं।
यह मांग बिहार के ही पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से उठी है जहां फॉरवर्ड ब्लॉक पार्टी के विधायक अली इमरान ने राज्य विधान सभा में कहा कि बिहार में शराब बंदी हो सकती है तो पश्चिम बंगाल में क्यों नहीं? गौरतलब है कि 1 अप्रैल से ही बिहार में पूर्ण शराब बंदी की घोषणा हो गई थी और इसका सख्ती से पालन भी हो रहा है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में बजट पर हो रही चर्चा के दौरान विधायक अली इमरान ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, 'अगर बिहार में पूर्ण शराब बंदी हो सकती है तो पश्चिम बंगाल में क्यों नहीं? शराब बंदी से राज्य की कानून व्यवस्था भी ठीक होगी।' हालांकि, उनके इस मुद्दे पर सत्ताधारी पार्टी के विधायकों ने विरोध जताया लेकिन इमरान के समर्थन में कई विधायक खड़े नजर आए।
शराब को बढ़ावा देने का आरोप
सीपीआई (एम) राज्य प्रतिनिधि सुजन चक्रवर्ती ने इमरान का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब कई राजनीतिक झगड़ों का कारण है जो संबंधों का भी खराब करता है। वहीं कांग्रेस विधायक मनस भुनिया ने भी इमरान के प्रस्ताव का समर्थन किया। यहां तक कि उन्होंने टीएमसी पर राज्य में शराब बिक्री को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया।
मनस ने सत्ताधारी पार्टी के उस बयान पर भी हमला किया जिसमें उन्होंने राज्य में शराब बिक्री को बढ़ावा देने की बात कही थी। सरकार ने कहा था, 'हमारी सरकार ने उत्पाद शुल्क से होने वाली आय को बढ़ाकर 717 करोड़ रुपये करने का फैसला किया है। और उन्होंने यह लक्ष्य हासिल करने के लिए शराब उत्पादकों को राज्य में अपने उत्पाद देने की छूट देने का फैसला किया है।'
गौरतलब है कि बिहार देश के उन गिने चुने राज्यों में से है जहां पूर्ण शराब बंदी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीते विधानसभा चुनावों से पहले यह घोषणा की थी कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो शराब पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। सत्ता में आने के बाद नीतीश ने अपना वादा पूरा करते हुए बिहार को शराब मुक्त राज्य घोषित कर दिया। पड़ोसी राज्य में पूर्ण शराब बंदी की सफलता का प्रभाव अन्य राज्यों पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।