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Supreme Court:तटरक्षक बल में महिलाओं के लिए स्थायी कमीशन को लेकर ICG ने दाखिल किया हलफनामा; दिया ये तर्क
Wed, 13 Mar 2024 09:20 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Wed, 13 Mar 2024 09:20 PM IST
सार
हलफनामे में कहा गया है कि आईसीजी के भर्ती नियम यह तय करते हैं कि महिला अधिकारियों के पास भविष्य में स्थायी कमीशन का विकल्प नहीं होगा। इसमें यह भी बताया गया है कि वर्तमान मामले में याचिकाकर्ता समेत सेवा के लिए चयनित उम्मीदवारों को जारी नियुक्ति पत्र में भी इसका उल्लेख किया गया था।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय तटरक्षक बल में महिला कोस्ट गार्ड अधिकारियों को स्थायी कमीशन के मामले में 'सुप्रीम' सुनवाई हुई। इस दौरान भारतीय तटरक्षक बल ने शीर्ष अदालत ने कहा है कि बल में शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारियों की भर्ती से जुड़े वर्तमान नियमों में यह साफ तौर पर बताया गया है कि महिला अधिकारी स्थायी कमीशन की मांग नहीं कर सकती हैं। हालांकि आईसीजी के उप महानिरीक्षक राज कमल सिन्हा द्वारा शीर्ष कोर्ट में दाखिल हलफनामे में यह भी कहा गया है कि बल धीरे-धीरे महिला अधिकारियों को स्थायी करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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हलफनामे में कहा गया है कि आईसीजी के भर्ती नियम यह तय करते हैं कि महिला अधिकारियों के पास भविष्य में स्थायी कमीशन का विकल्प नहीं होगा। इसमें यह भी बताया गया है कि वर्तमान मामले में याचिकाकर्ता समेत सेवा के लिए चयनित उम्मीदवारों को जारी नियुक्ति पत्र में भी इसका उल्लेख किया गया था।
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इसमें यह भी कहा गया है कि भारतीय तटरक्षक मुख्य रूप से एक समुद्री सेवा है। इसके लिए 66% बिलेट्स (अस्थायी आवास) समुद्री यूनिट के प्रबंधन के लिए स्वीकृत हैं और केवल 33% बिलेट्स तटीय यूनिट के संचालन के लिए स्वीकृत हैं। ऐसे में तटीय बिलेट्स की सीमित उपलब्धता के कारण बल की महिला अधिकारियों ने अपनी समुद्री सेवा की अवधि को बढ़ा दिया है। ऐसे में स्थायी कमीशन के लिए केवल 10 प्रतिशत लोगों पर विचार किया गया, क्योंकि अभी जहाजों को उस तरह से डिजाइन नहीं किया गया है जिसमें महिलाओं के लिए अलग आवास या अन्य सुविधाएं हों। हलफनामें में तटरक्षक बल ने बताया है कि महिलाओं को स्थायी कमीशन देने से पहले जहाजों में कई बड़े परिचालन बदलाव किए जाने की जरूरत है। ऐसे परिचालन उपायों को लागू किए बिना, अधिक संख्या में महिला अधिकारियों के लिए प्रावधान संभव नहीं होगा। इस प्रकार महिला अधिकारी को आगे स्थायी प्रवेश से पहले जहाजों पर काम करने के लिए काम करने की स्थिति को अनुकूल बनाना आवश्यक है।
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इससे पहले, केंद्र और समुद्री बल से जवाब मांगते हुए मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई। पीठ ने कहा कि महिलाओं को ऐसे नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करे कि महिलाओं को भारतीय तटरक्षक बल में स्थायी कमीशन दिया जाए। पीठ ने कहा कि अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो अदालत ऐसा करेगी।
शीर्ष अदालत भारतीय तटरक्षक अधिकारी प्रियंका त्यागी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें बल की योग्य महिला शॉर्ट-सर्विस कमीशन अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने की मांग की गई थी।