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18-20 घंटे काम करने वाले अधिकारी हैं योगी की पसंद, रात में भी मांग लेते हैं रिपोर्ट
amarujala.com- Written by: राघवेंद्र मिश्र
Updated Sat, 08 Apr 2017 10:50 AM IST
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योगी आदित्यनाथ
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने पदभार संभालते ही कई बड़े फैसले लिए। मीडिया में इस तरह की खबरें भी आईं कि योगी ने अपने मंत्रियों-विधायकों के साथ-साथ अधिकारियों को कहा है कि वह वर्कहोलिक हैं और ऐसे लोग जो 18-20 घंटे काम कर सकते हैं वह उनके साथ चलें।
इकॉनमिक टाइम्स के अनुसार, योगी के मुख्यमंत्री बने हुए अभी एक महीने भी नहीं हुए हैं और राज्य के ब्यूरोक्रेट्स समझ गए हैं कि उनसे मध्यरात्रि में भी रिपोर्ट मांगी जा सकती है। चार्ज संभालने के बाद ही आदित्यनाथ ने कड़ा संदेश दिया कि जो 18-20 घंटे काम नहीं कर सकते वह अपना रास्ता चुनने के लिए स्वतंत्र हैं।
गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था, प्रदेश सरकार योजनाओं को लागू करने में ढिलाई को बर्दाश्त नहीं करेगी। मैं वर्कहोलिक हूं और अधिकारियों को भी ऐसा होना चाहिए। जो कठिन परिश्रम के लिए तैयार हैं वह साथ चलें और जो नहीं कर सकते हैं उन्हों छोड़ देना चाहिए।
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19 मार्च को शपथ लेने के बाद से योगी एक दिन में चार से छह डिपार्टमेंट की मीटिंग लेते हैं। एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि ये मीटिंग शाम को होती है ताकि काम प्रभावित न हो। यह देर रात तक चलती है। शिक्षा विभाग के साथ एक मीटिंग रात 12.30 तक चली थी।
राज्य के सूचना डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ एक मीटिंग देर रात तक चली और वे प्रेस रिलीज दो बजे रात को भेजे। कुछ मामले में बात करने के लिए एक सीनियर अधिकारी को बीच रास्ते से दो बार एनेक्सी बुलाया गया।
हालांकि, कुछ ब्योरोक्रेट्स का मानना है कि चीजें जल्द ही नॉर्मल हो जाएंगी। वहीं कुछ योगी के सुबह तीन बजे उठने और रात को 11 बजे सोने के रूटीन से चीजों के नॉर्मल होने पर संदेह जता रहे हैं। कुछ अधिकारी मानते हैं कि 8 घंटे से कम सोना उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
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इकॉनमिक टाइम्स के अनुसार, योगी के मुख्यमंत्री बने हुए अभी एक महीने भी नहीं हुए हैं और राज्य के ब्यूरोक्रेट्स समझ गए हैं कि उनसे मध्यरात्रि में भी रिपोर्ट मांगी जा सकती है। चार्ज संभालने के बाद ही आदित्यनाथ ने कड़ा संदेश दिया कि जो 18-20 घंटे काम नहीं कर सकते वह अपना रास्ता चुनने के लिए स्वतंत्र हैं।
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गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था, प्रदेश सरकार योजनाओं को लागू करने में ढिलाई को बर्दाश्त नहीं करेगी। मैं वर्कहोलिक हूं और अधिकारियों को भी ऐसा होना चाहिए। जो कठिन परिश्रम के लिए तैयार हैं वह साथ चलें और जो नहीं कर सकते हैं उन्हों छोड़ देना चाहिए।
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19 मार्च को शपथ लेने के बाद से योगी एक दिन में चार से छह डिपार्टमेंट की मीटिंग लेते हैं। एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि ये मीटिंग शाम को होती है ताकि काम प्रभावित न हो। यह देर रात तक चलती है। शिक्षा विभाग के साथ एक मीटिंग रात 12.30 तक चली थी।
राज्य के सूचना डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ एक मीटिंग देर रात तक चली और वे प्रेस रिलीज दो बजे रात को भेजे। कुछ मामले में बात करने के लिए एक सीनियर अधिकारी को बीच रास्ते से दो बार एनेक्सी बुलाया गया।
हालांकि, कुछ ब्योरोक्रेट्स का मानना है कि चीजें जल्द ही नॉर्मल हो जाएंगी। वहीं कुछ योगी के सुबह तीन बजे उठने और रात को 11 बजे सोने के रूटीन से चीजों के नॉर्मल होने पर संदेह जता रहे हैं। कुछ अधिकारी मानते हैं कि 8 घंटे से कम सोना उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।