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Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे गुट दोराहे पर, व्हिप पर नहीं पहुंचे तो छिन सकती है विधायकी
Sun, 19 Feb 2023 05:39 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 19 Feb 2023 05:39 AM IST
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उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे।
- फोटो :
ANI (फाइल फोटो)
विस्तार
केंद्रीय निर्वाचन आयोग के फैसले से महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे का राजनीतिक भविष्य दांव पर है। वहीं, उद्धव गुट के विधायक और सांसद दोराहे पर हैं। शिंदे की शिवसेना के व्हिप जारी करने पर यदि विधायक अनुपस्थिति रहते हैं तो उन्हें अयोग्य करार दिया जा सकता है और उनकी विधानसभा की सदस्यता जा सकती है।
चुनाव आयोग के फैसले के बाद एकनाथ शिंदे गुट बदली परिस्थितियों में नई रणनीति बनाने में जुटा है। शिंदे गुट के एक नेता ने कहा, जो विधायक ठाकरे के साथ हैं उन्हें शिवसेना में मिलाने की तैयारी की जा रही है। यह उद्धव के लिए एक और बड़ा झटका होगा। उद्धव ठाकरे ने कहा है कि अब वह फिर उस जगह पर पहुंच गए हैं जहां 19 जून 1966 में थे, जब शिवसेना का गठन हुआ था। उस वक्त न शिवसेना का कोई पार्षद था और न विधायक। इसलिए उन्हें फिर से खड़ा होना पड़ेगा। इस बीच, शनिवार को शिंदे गुट के सांसद कृपाल तुमाने ने दावा किया कि उद्धव के दो सांसद और 10 विधायक जल्द ही उनका साथ छोड़ देंगे। फिलहाल, उद्धव के साथ 16 विधायक और 5 सांसद हैं।
वार्ड शाखा पर शिंदे गुट का अधिकार होगा
मुंबई में बीएमसी के 24 वार्ड है, जिसमें से कई अवैध हैं, लेकिन वार्ड की जो शाखा (कार्यालय) शिवसेना के नाम पर पंजीकृत है उस पर शिंदे गुट का अधिकार होगा। शिंदे की शिवसेना के एक नेता ने कहा, शिवसेना के दफ्तरों पर हमारा कब्जा होगा। वहीं, सांसद संजय राउत ने कहा, यह शिवसेना का है, जिस पर उद्धव गुट का कब्जा बरकरार रहेगा। शिवसेना पर कब्जे की लड़ाई शुरू होने के बाद एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे में दोनों गुटों के पदाधिकारी शिवसेना शाखा का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब केवल शिंदे गुट ही इसका उपयोग करेगा।
धनुष-बाण के बाद उद्धव से छिन सकती है मशाल
शिवसेना के चुनाव चिह्न धनुष-बाण पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का अधिकार हो गया है। वहीं, उद्धव बालासाहेब ठाकरे को मशाल चिह्न मिला है। जानकारों का कहना है कि उद्धव को मिला यह चिह्न तात्कालिक है। पुणे के कस्बा पेठ और चिंचवड़ के उपचुनाव के बाद उद्धव से मशाल निशान भी छिन सकता है। पुणे में 26 फरवरी को मतदान होना है। उधर, मशाल चिह्न पर समता पार्टी ने भी दावा किया है।
किसका होगा शिवसेना भवन
शिवसेना का केंद्रीय कार्यालय दादर स्थित शिवसेना भवन किसका होगा यह बड़ा सवाल है। इस भवन का बाजार मूल्य करीब 300 करोड़ रुपये आंका जा रहा है। विधान भवन स्थित कार्यालय और प्रदेश कार्यालय शिवालय को लेकर भी इसी तरह के सवाल उठे हैं। जानकारी के अनुसार शिवसेना भवन शिवाई ट्रस्ट का है, जिसके अध्यक्ष लीलाधर डाके हैं। इसलिए शिवसेना भवन पर उद्धव का कब्जा बरकरार रहने की संभावना है, लेकिन विधान भवन और शिवालय समेत बीएमसी कार्यालय पर शिंदे गुट दावा कर सकता है।