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Congress: कांग्रेस का बिरला को पत्र, कहा- गृह, विदेश, रक्षा और वित्त में से किसी एक समिति की अध्यक्षता दी जाए
Sat, 24 Sep 2022 04:03 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 24 Sep 2022 04:03 PM IST
सार
कांग्रेस द्वारा लोकसभा स्पीकर को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि सरकार संसदीय समितियों का तमाशा बना रही है। पत्र में कहा गया है कि आईटी पर संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्षता छीनने को लेकर उचित मुआवजा दिया जाए।
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अधीर रंजन चौधरी (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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विस्तार
कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र पर संसदीय परंपराओं का पालन न करने का आरोप लगाया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर आग्रह किया गया है कि कांग्रेस को चार प्रमुख समितियों गृह, विदेश, रक्षा और वित्त में से कम से कम एक की अध्यक्षता दी जाए।
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कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बिरला को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि सरकार संसदीय समितियों का तमाशा बना रही है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि सरकार अपने काम को गंभीरता से लेने को तैयार नहीं हैं।
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चौधरी ने पत्र में कहा है कि समितियों के पुनर्गठन में प्रमुख विपक्षी दल की भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है और उसकी संसद में अहमियत को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
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कांग्रेस नेता ने पत्र में कहा है कि सरकार आईटी की समिति को अपने पास रखना चाहती है जबकि परंपरा संसद की महत्वपूर्ण समितियों में प्रमुख विपक्षी दलों को अहम भूमिका देने की रही है। उन्होंने कहा कि 16वीं लोकसभा में भी गृह, विदेश, रक्षा और वित्त मंत्रालय की समितियों में से तीन समितियां प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के पास थीं।
कांग्रेस ने कहा कि सदन में तब कांग्रेस के 44 सांसद थे लेकिन इस बार इन तीनों समितियों को उससे छीना गया है और अब आईटी की समिति को भी सरकार अपने पास रखने जा रही है।
चौधरी का कहना है कि अगर आईटी की समति को सरकार लेती है तो फिर प्रमुख विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस को विदेश मंत्रालय की समिति दी जानी चाहिए। पत्र में कहा गया है कि सरकार के इस कदम से लगता हैकि वह संसद की लोकतांत्रिक परंपराओं का मजाक उड़ाने लगी है और उसका यह कदम लोकतंत्र के हित में नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सदन के नेता पीयूष गोयल को एक पत्र लिखा है। पत्र में कांग्रेस गृह मंत्रालय की समिति की अध्यक्षता 'हथियाने' के सरकार के कदम का विरोध किया गया है। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने विदेश और वित्त समिति की अध्यक्षता खो दी थी।