{"_id":"5f8230582862f63a12119171","slug":"actress-dia-mirza-will-also-wear-durable-clothes-with-one-billion-people-of-the-world","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुनिया के एक अरब लोगों के साथ दीया मिर्जा भी पहनेंगी टिकाऊ कपड़े","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
दुनिया के एक अरब लोगों के साथ दीया मिर्जा भी पहनेंगी टिकाऊ कपड़े
Sun, 11 Oct 2020 03:36 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 11 Oct 2020 03:36 AM IST
विज्ञापन
Dia Mirza
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिल्म अभिनेत्री दीया मिर्जा दुनिया भर में चल रही अनोखी टिकाऊ कपड़े पहनने की मुहिम के साथ जुड़ गई हैं, काउंट एस इन में दुनिया के हर क्षेत्र के एक अरब लोग जुड़े हैं। यहां टिकाऊ कपड़ों से आश्य सूती और प्राकृतिक रंगों तथा रेशों के इस्तेमाल से तैयार फैब्रिक से है।
विज्ञापन
पूरी दुनिया में वर्तमान में वस्त्र उद्योग में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की जा रही तकनीकों में बड़े पैमाने पर रसायनों और कृत्रिम रेशों का इस्तेमाल होता है जिससे बड़े पैमाने पर कार्बन उत्सर्जन होता है। ऐसे में काउंट एस एन मुहिम के माध्यम से दुनिया के लोगों को ऐसे वस्त्र पहनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जो सौ फीसदी प्राकृति से प्राप्त सामग्री की मदद से तैयार किए गए हों।
विज्ञापन
दीया संयुक्त राष्ट्र की पर्यावरण सद्भावना राजदूत, भी हैं। इस अभियान में मिर्जा के अलावा अनेक वैज्ञानिक, कलाकार और समाजसेवी जुड़े हैं, इनमें संयुक्त राष्ट्र संघ की पूर्व जलवायु प्रमुख क्त्रिस्स्टियाना फिग्यूरेस, क्त्रिस्स एंडरसन संस्थापक सदस्य, आईकेआईए फ्रेंचाइजी औरआईएनजीकेए ग्रुप की चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर पिया हाईडेनमार्क कुक , रिचर्ड कर्टिस, फिल्म निर्माता और मेक माई मनी मैटर के संस्थापक इसके अहम सदस्यों में से हैं।
विज्ञापन
इस मुहिम को चलाने वाले समूह का दावा है कि जलवायु परिवर्तन पहले से ही हमारे जीवन, हमारे समुदायों और हमारी आजीविका को नष्ट कर रहा है। यह हम पर निर्भर है कि हम अपने आस-पास जो देखते हैं उसके बारे में क्या करते हैं। हम शक्तिहीन नहीं हैं।
यदि हम साहसपूर्वक और तत्काल कार्य करते हैं तो हम जलवायु परिवर्तन के सबसे बुरे प्रभावों से बच सकते हैं। इसके लिए हर एक को प्रतिबद्धता के साथ अपना योगदान सुनिश्चित करना चाहिए।