एक्टर सोनू सूद ने अमर उजाला से खास बातचीत में किया खुलासा, उनके पिता भी रोज चलाते हैं लंगर
- बॉलीवुड फिल्म स्टार सोनू सूद से अमर उजाला डॉट कॉम (www.amarujala.com) की एक्सक्लूसिव बातचीत
- अब तक 18 हजार श्रमिकों को बसों से उनके घर भेज चुके सोनू सूद
- रोज लगभग 40-45 हजार लोगों को खिला रहे खाना
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बॉलीवुड फिल्म स्टार सोनू सूद ने श्रमिकों को बसों से उनके घरों तक भेजने की व्यवस्था कर लोगों के दिलों में अपने लिए खास जगह बनाई है। वे अब तक 18 हजार लोगों को उनके घरों तक पहुंचा चुके हैं।
उनका अनुमान है कि इस संकट के खत्म होने तक वे लगभग एक लाख लोगों को उनके घर पहुंचाने का काम कर चुके होंगे। वे इस समय 40-45 हजार लोगों को रोजाना भोजन भी करा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पंजाब में उनके पिता आज भी एक छोटी दुकान चलाते हैं और अपनी इस दुकान के माध्यम से वे रोज भूखे लोगों को लंगर खिलाते हैं।
शायद पिता के इन्हीं संस्कारों के कारण सोनू सूद मजदूरों का यह दर्द महसूस कर सके और उनकी मदद करने सड़कों पर उतर आए।
उन्होंने कहा कि वे परिवार के साथ रहते हैं। ऐसे में उन्हें भी कोरोना संक्रमण का डर लगता है, लेकिन सावधानी रखकर वे लोगों के बीच जाते हैं और लोगों को उनके घरों को भेजने का काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर वे सड़कों पर न जाते, तो यह संदेश लोगों के बीच न जा पाता कि कोई उनके जैसा है जो उनकी मदद कर रहा है। यही कारण है कि उन्होंने स्वयं मजदूरों के बीच जाने का फैसला किया।
अमर उजाला डॉट कॉम (www.amarujala.com) से एक्सक्लूसिव बातचीत में सोनू सूद ने कहा कि सड़कों पर अपने पूरे परिवार के साथ भटकते मजदूरों को देखकर उन्हें बहुत पीड़ा हुई।
उन्हें लगा कि उन्हें इनके लिए कुछ करना चाहिए क्योंकि जिन घरों में वे रहते हैं, जिन सड़कों पर वे चलते हैं, जिन स्टूडियो में वे काम करते हैं, वे सब इन मजदूरों ने ही बनाए हैं।
ऐसे में आज जब वे कष्ट के दौर से गुजर रहे हैं, उन्हें उनकी इस पीड़ा को कम करने के लिए कुछ करना चाहिए। यही कारण था कि वे उन मजदूरों को उनके घरों तक भेजने के लिए सड़कों पर उतर आए।
सोनू सूद ने कहा कि उनकी पहली बस मजदूरों को लेकर कर्नाटक गई थी। इस बस पर बैठकर जाने के समय उन्होंने मजदूरों की आंखों में खुशी के जो आंसू देखे थे, वे उन्हें कभी भूल नहीं सकते।
उस दृश्य ने ही उन्हें लगातार आगे बढ़ने और लोगों के लिए कुछ करते रहने के लिए प्रेरणा दिया था।
सोनू सूद रखा नाम
सोनू सूद के काम से प्रभावित होकर एक महिला ने अपने बच्चे का नाम सोनू सूद रख लिया था। अमर उजाला के इस सवाल पर कि यह सुनकर उन्हें कैसा लगा, फिल्म एक्टर ने कहा कि जब वे फिल्म इंडस्ट्री में आए थे तो कुछ लोग कहते थे कि वे इस नाम से प्रसिद्धि हासिल नहीं कर पाएंगे।
इस पर उन्होंने कहा था कि यही नाम उन्हें यहां तक लेकर आया है तो आगे भी यही नाम लेकर जाएगा। उन्होंने अपने दोस्तों का नाम बदलने का सुझाव ठुकरा दिया। लेकिन आज जब महिला ने अपने बच्चे का नाम उनके नाम पर रखा तो यह देखकर उन्हें काफी खुशी महसूस हुई।
बेटे ने कहा, हमें नहीं दे पा रहे समय
अमर उजाला के इस सवाल पर कि लोगों को उनके घरों को भेजने के लिए उन्हें लगातार काम करना पड़ रहा है, ऐसे में वे अपने पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन से तालमेल कैसे बिठा रहे हैं, सोनू सूद ने कहा कि उन्हें देर रात तक काम करना पड़ रहा है और वे पिछले तीन-चार रातों से सो नहीं पाए हैं।
लेकिन लोग उन पर भरोसा कर रहे हैं और दिन-रात उनसे संपर्क कर अपने घर पहुंचना चाहते हैं, यह विचार ही उन्हें लगातार काम करते रहने के लिए प्रेरित करता है।
वह बताते हैं, उनके बेटे ने उनसे कहा कि वे उन्हें समय नहीं दे पा रहे हैं। इस पर उन्होंने अपने बेटे को बताया कि उनके इस समय के कारण ही हजारों लोग अपने मां-बाप और अपने परिवार के साथ समय बिता पा रहे हैं।
यह सोच उन्हें बहुत कुछ करने के लिए लगातार प्रेरित करती है।
फिल्म दबंग में छेदी सिंह का किरदार निभाकर शोहरत हासिल कर चुके सोनू सूद ने कहा कि वे स्वयं इस शहर में कभी एक प्रवासी बनकर आए थे।
आज जब दूसरे प्रवासी तकलीफ से गुजर रहे हैं तो उनके अंदर उन्हें भी अपना अक्स दिखाई पड़ता है और यही कारण है कि वे लगातार उनकी मदद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनका काम देखकर बहुत से लोग प्रेरित हो रहे हैं और उनकी मदद करने के लिए सामने आ रहे हैं।