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सरकार से मॉब लिचिंग कानून बनाने की मांग, ताकि भीड़ के हमले में न जाए निर्दोषों की जान

amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला Updated Mon, 05 Jun 2017 10:48 PM IST
भीड़ के हमले में न जाए निर्दोषों की जान, सरकार से मॉब लिचिंग कानून बनाने की मांग
भीड़ के हमले में न जाए निर्दोषों की जान, सरकार से मॉब लिचिंग कानून बनाने की मांग - फोटो : Shravan Shukla
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देश में भीड़ के हमलों में कई निर्दोषों के मारे जाने की खबरें आना आम बात हो चली है। इस भीड़ का न कोई चेहरा होता है, न ही भीड़ पर कोई कार्रवाई हो पाती है। ऐसे में पीड़ित लोगों की मदद करने और 'भीड़ के हाथों निर्दोषों की जान न जाए' इसके लिए सरकार से कानून बनाने की मांग की जा रही है। ऐसे कानून की मांग करने वालों में राजनीतिक विश्लेषक और उद्योगपति तहसीन पूनावाला, जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष व देशविरोधी नारेबाजी के आरोपी कन्हैया कुमार, छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला राशिद, ऊना दलित आंदोलन के नेता जिग्नेश मेवानी ने मुहिम छेड़ी हैं। 
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दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में तहसीन पूनावाला ने कहा कि भीड़ के द्वारा निर्दोषों की हत्या (मॉब लिचिंग) के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर कानून की जरूरत है। इसके न होने से लोग भीड़ की आड़ में अपनी ज्यातीय दुश्मनी निकालते हैं और कानूनन साफ बच भी जाते हैं। तहसीन ने कहा कि सरकार को मॉब लिचिंग कानून बनाने की जरुरत है। इसके लिए वो कानूनी जानकारों से मिलकर एक ड्राफ्ट भी तैयार करेंगे, ताकि उसके माध्यम से सरकार के समक्ष अपनी मांग रख सकें। मॉब लिचिंग के खिलाफ अपनी बात रखते हुए जिग्नेश ने सरकार को चेताया कि अगर सरकार द्वारा 11 जुलाई तक सख्त कानून नहीं लाया गया, तो देशभर में आंदोलन किया जाएगा। 

इस दौरान मौजूद रहे कन्हैया कुमार ने कहा कि हम मोदी सरकार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन भीड़ के हमले से आम लोगों को बचाना चाहते हैं। इसीलिए मॉब लिचिंग कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। क्योंकि अभी तक ऐसे मामलों में कानून न होने के चलते दोषी छूट जाते हैं और मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

शेहला ने कहा कि यूपी के बिसाहड़ा में बीफ के शक में इकलाख को और दिल्ली में जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन के नीचे प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के चक्कर में ई-रिक्शा चालक रविंद्र को पीट-पीटकर मार डाला गया। ऐसे में अब समय आ गया है कि युवाओं समेत आम लोगों को एकजुट होकर कानून बनाने की मांग रखनी चाहिए। शेहला ने बताया कि एक कमेटी गठित की गई है, जो ऐसे मामलों पर रोक लगाने को बनने वाले कानून के लिए ड्राफ्ट तैयार करेगी। इस कमेटी में संजय हेगड़े, स्वरा भास्कर, जेएनयू के लापता छात्र नजीब की बहन सदक मुशर्रफ और सनम बजीर होंगे।

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