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India: आतंकवाद पर कार्रवाई उचित, लेकिन ईरान और पाकिस्तान के आपसी पचड़े में नहीं पड़ना चाहता भारत

Thu, 18 Jan 2024 11:44 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Thu, 18 Jan 2024 11:44 PM IST
सार

भारत का हमेशा से आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति रही है। भारत हमेशा आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई का पक्षधर रहा है। पाकिस्तान के आतंकियों के भारत में हमले को मुख्य आधार बनाकर ही भारत ने लंबे समय से दोनों देशों के बीच में द्विपक्षीय वार्ता और तमाम कूटनीतिक और राजनयिक रिश्तों पर विराम लगा रखा है। इसी को दोहराते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमारे आतंकवाद के खिलाफ स्टैंड में कोई बदलाव नहीं आया है।

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Action on terrorism is appropriate but India does not want to get into conflict between Iran and Pakistan
भारत (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

विस्तार

ईरान ने पाकिस्तान के इलाके में आतंकी शिविरों को नष्ट करने के लिए हमले किए। पाकिस्तान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद पाकिस्तान ने भी ईरान की सीमा में घुसकर सैन्य कार्रवाई की। दोनों देशों के बीच में तनाव अपने चरम पर है, लेकिन भारत की मंशा दोनों देशों के तनाव के पचड़े में पडऩे की नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी इस पर बहुत सधी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने पक्ष से बुधवार को अवगत करा दिया है। हमारा आज भी इस बारे में स्टैंड वही है।

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भारत का हमेशा से आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति रही है। भारत हमेशा आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई का पक्षधर रहा है। पाकिस्तान के आतंकियों के भारत में हमले को मुख्य आधार बनाकर ही भारत ने लंबे समय से दोनों देशों के बीच में द्विपक्षीय वार्ता और तमाम कूटनीतिक और राजनयिक रिश्तों पर विराम लगा रखा है। इसी को दोहराते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमारे आतंकवाद के खिलाफ स्टैंड में कोई बदलाव नहीं आया है। भारत आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त करने का पक्षधर नहीं है। भारत का मानना है कि ईरान ने पाकिस्तान की सीमा में आतंकी शिविरों पर कार्रवाई आत्मरक्षार्थ की है। लेकिन ईरान और पाकिस्तान के बीच में बढ़ रहे तनाव पर भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह दो देशों के बीच का आंतरिक मामला है।
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गौरतलब है कि ईरान इससे पहले भी पाकिस्तान को अपनी सीमा से चल रहे आतंकी संगठनों को लेकर आगाह किया था। उन पर कार्रवाई की मांग की थी। पाकिस्तान के कदम से संतुष्ट न होने पर ईरान ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर हवाई हमला किया। ईरान पहले भी ऐसा हमला कर चुका है। पाकिस्तान की सीमा में आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करने वाले देशों में अमेरिका और भारत भी शामिल हैं। पाकिस्तान ने इसे अपनी संप्रभुता में हमला के तौर पर लिया और उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान की सीमा में घुसकर विद्रोहियों के ठिकाने पर लाइट म्यूनिशन, ड्रोन और राकेट दागे। इसके कारण दोनों देशों के बीच में तनाव काफी बढ़ गया है।

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