Politics: दिल्ली में TMC नेताओं की हिरासत का मामला पहुंचा बंगाल के राजभवन, अभिषेक बनर्जी ने की शिकायत
टीएमसी के जिन नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है उनमें टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन, मोहम्मद नदीमुल हक, डोला सेन, साकेत गोखले और सागरिका घोष, विधायक विवेक गुप्ता, पूर्व सांसद अर्पिता घोष, शांतनु सेन और अबीर रंजन विश्वास और पार्टी की छात्र शाखा पश्चिम बंगाल के उपाध्यक्ष सुदीप राहा शामिल हैं।
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देश की राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे टीएमसी के नेताओं को हिरासत में लिए जाने के मामले में सियासत तेज हो गई है। इस मामले में, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस से मिलने पहुंचे हैं। राजभवन पहुंचे अभिषेक बनर्जी ने दिल्ली में नेताओं की हिरासत के खिलाफ राज्यपाल सीवी आनंद बोस से शिकायत दर्ज कराई है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने कहा कि उन्होंने टीएमसी नेताओं को रिहा कर दिया है। हालांकि, तृणमूल नेताओं का कहना है कि वे रातभर थाने में ही रहेंगे और अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
टीएमसी सूत्रों ने बताया कि बनर्जी के साथ 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रात करीब नौ बजे राज्यपाल के आवास पर पहुंचा। जहां उन्होंने राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की।
बता दें कि इससे पहले दिन में राजधानी दिल्ली में टीएमसी का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ अपनी शिकायत को लेकर चुनाव आयोग (ईसी) की पूर्ण पीठ से मिलने पहुंचा था। मुलाकात के बाद उन्होंने आयोग के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन शुरू किया। जब पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की तो उन्होंने विरोध किया। जिसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है। इसके कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। इस बीच, टीएमसी नेता ओ ब्रायन ने कहा है कि वे थाने से ही अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा 24 घंटे का धरना जारी रहेगा। हम थाने के अंदर हो या बाहर हम इसे जारी रखेंगे।
#WATCH | TMC delegation including General Secretary Abhishek Banerjee reached Raj Bhavan to meet West Bengal Governor CV Ananda Bose. pic.twitter.com/ffVp5aoubG
— ANI (@ANI) April 8, 2024
टीएमसी के जिन नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है उनमें टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन, मोहम्मद नदीमुल हक, डोला सेन, साकेत गोखले और सागरिका घोष, विधायक विवेक गुप्ता, पूर्व सांसद अर्पिता घोष, शांतनु सेन और अबीर रंजन विश्वास और पार्टी की छात्र शाखा पश्चिम बंगाल के उपाध्यक्ष सुदीप राहा शामिल हैं।
इसके जो वीडियो सामने आए हैं, उनमें देखा जा सकता है कि टीएमसी नेताओं ने अपने हाथों में केंद्रीय एजेंसियों का विरोध करने वाले पोस्टर अपने हाथों में ले रखे थे। जिनमें केंद्रीय एजेंसियों जैसे सीबीआई, ईडी और एनआईए के खिलाफ नारे लिखे गए थे। साथ ही इसमें इन एजेंसियों के निदेशकों को बदले जाने की मांग भी की गई थी।
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी लगातार आरोप लगाती रही है कि केंद्रीय जांच एजेंसियां भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र के इशारे पर विपक्षी दलों को निशाना बना रही हैं। दिल्ली रवाना होने से पहले सेन ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि भाजपा हमारे खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। जिस तरह से एनआईए, ईडी और सीबीआई काम कर रही है और टीएमसी नेताओं को निशाना बना रही है, वह शर्मनाक है। हम चुनाव आयोग से सभी राजनीतिक दलों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने का अनुरोध करेंगे।