Chhattisgarh: कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाएगी AAP! कार्यकर्ता सम्मेलन में आएंगे केजरीवाल और मान
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को लेकर उल्टी गिनती शुरू हो गई है। सत्ताधारी कांग्रेस और भाजपा ने प्रदेश में चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं। लेकिन इस बीच आम आदमी पार्टी की भी प्रदेश में एंट्री हो गई है। पांच मार्च को आम आदमी पार्टी राजधानी रायपुर में एक बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन करने जा रही है। इसमें दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगंवत मान भी शामिल होंगे। कुछ दिन पहले ही आप पार्टी एमपी और राजस्थान में विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी है।
छत्तीसगढ़ आप से जुड़े सूत्रों का कहना है कि छत्तीसगढ़ चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता सम्मेलन पहले 19 मार्च को तय किया गया था। लेकिन अब पार्टी से इसे पांच मार्च को करने जा रही है। इस सम्मेलन में दिल्ली और पंजाब के सीएम के अलावा दोनों राज्यों के सभी बड़े नेता शामिल होंगे। कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के अलावा दिल्ली के सीएम छत्तीसगढ़ की आप इकाई के नेताओं के साथ अलग से चर्चा करेंगे। इसके अलावा हर जिलों में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता जोड़ने का जो अभियान पार्टी ने पिछले दिनों चलाया था, उसकी समीक्षा भी करेंगे। पार्टी विधानसभा चुनाव में कैसे उतरे, इसे लेकर भी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल प्रदेश के स्थानीय नेताओं से चर्चा करेंगे।
सूत्र ने आगे बताया कि गुजरात चुनाव में उत्साहवर्धक परिणाम हासिल होने के बाद पार्टी छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस को पीछे छोड़ने के मकसद से मैदान में उतर रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में पार्टी संगठन का तेजी से विस्तार कर रही है। पार्टी ने राज्य में 455 ब्लॉक अध्यक्ष भी बनाए हैं। वहीं पार्टी ने लोकसभा प्रभारी और लोकसभा सचिवों का भी ऐलान किया है। संगठन विस्तार के साथ ही आम आदमी पार्टी पांच मार्च को कार्यकर्ता सम्मेलन करने जा रही है। पार्टी प्रदेश प्रभारी पहले ही सरगुजा और बिलासपुर संभाग का दौरा कर चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इस सम्मेलन में प्रदेश की 90 सीटों में से कितनी सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी और कौन प्रत्याशी होगा, इसे लेकर भी पार्टी नेता चर्चा करेगे।
छत्तीसगढ़ के राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राज्य में सबसे मजबूत पार्टी कांग्रेस है। इसके बाद भाजपा, जेसीसीजे और बहुजन समाज पार्टी है। लेकिन आम आदमी पार्टी से कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। क्योंकि 90 में से 71 विधायक कांग्रेस के ही हैं। आम आदमी पार्टी के वोट प्रतिशत बढ़ने से कांग्रेस के वोट कट सकते हैं। इससे दूसरी पार्टियों को फायदा मिल सकता है। ये गुजरात चुनाव में भी देखने को मिला था। गुजरात में आम आदमी पार्टी के चुनाव लड़ने से कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। 2018 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का वोट एक फीसदी से भी कम रहा है।
आदिवासी बेल्ट में आप का फोकस
प्रदेश में बस्तर और सरगुजा संभाग कांग्रेस का गढ़ है। इन दोनों संभाग की 26 सीट पर कांग्रेस की एकतरफा जीत है। ये इलाका आदिवासी बेल्ट में आता है। लेकिन छत्तीसगढ़ में आदिवासियों का आरक्षण घटने पर वे नाराज हैं। इसके अलावा बस्तर और सरगुजा संभाग में धर्मांतरण के मामले पर भी राजनीति तेज है। इस पर भी सभी राजनीतिक पार्टियों की नजर है। खासकर आम आदमी पार्टी आदिवासियों के वोट बैंक को साधने की कोशिश में है। राज्य में बस्तर के आदिवासी नेता कोमल हुपेंडी को आम आदमी पार्टी ने प्रदेश के मुख्य नेता हैं। पिछले साल पार्टी ने मुख्यमंत्री प्रत्याशी भी कोमल हुपेंडी को बनाया गया था।