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कानून का विरोध: उपराज्यपाल की शक्तियां बढ़ाने पर सुप्रीम कोर्ट जाएगी आम आदमी पार्टी, जनता के बीच उठाएगी मुद्दा

Tue, 16 Mar 2021 02:13 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 16 Mar 2021 02:13 PM IST
सार

संसद भवन के बाहर आम आदमी पार्टी के सांसदों ने किया प्रदर्शन, संजय सिह के कहा- अरविंद केजरीवाल की योजनाओं से पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई केंद्र सरकार, अलोकतांत्रिक तरीके से दिल्ली पर कब्जा करने की कर रही कोशिश...
 

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Aam Aadmi Party will approach Supreme court against the Law to curb of the power of delhi Elected Government by BJP
भाजपा का संसद भवन के बाहर विरोध करते आप सांसद - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

दिल्ली के उपराज्यपाल की शक्तियां बढ़ाने का प्रस्ताव अगर संसद से पास होकर कानून बन जाता है तो आम आदमी पार्टी इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी और इस कानून को निरस्त करने की मांग करेगी। मामले के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने तक आम जनसभाओं के जरिए इस मुद्दे को उठाया जाएगा और इस मुद्दे पर जनता का समर्थन मांगा जाएगा। यह मामला केवल दिल्ली में ही नहीं, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी उठाया जाएगा। मुद्दे पर विरोध जताने के लिए हर मंच का उपयोग किया जाएगा।

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आम आदमी पार्टी सूत्रों के अनुसार अगर यह प्रस्ताव कानून का रूप धारण कर लेता है, तो पार्टी इसी को एक राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करेगी और इसे आंदोलन बनाकर अपने वोटरों को लामबंद करने की कोशिश करेगी। इस मुद्दे को भी लोकपाल मामले की तरह एक जनांदोलन बनाया जाएगा और इसके विरुद्ध हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी।
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कानून विशेषज्ञों की राय

वरिष्ठ एडवोकेट माजिद मेनन ने अमर उजाला से कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पास संसद से पास किए गए किसी कानून की समीक्षा करने का अधिकार है। कानून में उपराज्यपाल और दिल्ली के मुख्यमंत्री की शक्तियां बहुत स्पष्ट हैं। जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने पहुंचा था, तब भी सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि उपराज्यपाल की शक्तियां कानून-व्यवस्था और भूमि सहित केवल तीन मुद्दों तक ही सीमित रहेगी।

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मुख्यमंत्री को दिन-प्रतिदिन के कामकाज के लिए उपराज्यपाल की सहमति लेने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन नया प्रस्तावित कानून बनता है तो उपराज्यपाल की सहमति के बिना दिल्ली सरकार कोई काम नहीं कर सकेगी। यहां तक कि वह अपनी ही विधानसभा में चर्चा के लिए कोई प्रस्ताव तक नहीं ला सकेगी।



माजिद मेनन ने कहा कि लेकिन प्राथमिक दृष्टि में केंद्र सरकार द्वारा संसद में लाया गया यह प्रस्ताव सीधे तौर पर एक चुनी हुई सरकार की शक्तियों को कम करने और राजनीतिक लाभ लेने की दृष्टि से लाया गया है, इसलिए इसके कानून बनने के बाद इसे चैलेंज किया जा सकता है। यह प्रस्ताव लोकतंत्र के स्थापित सिद्धांतों के विरुद्ध है, इसलिए इस पर बहस की जा सकती है।  

आप नेताओं ने किया विरोध

मंगलवार को आम आदमी पार्टी सांसदों ने संसद भवन में गांधी प्रतिमा के सामने उपराज्यपाल संबंधी प्रस्ताव का विरोध किया। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार अपनी योजनाओं के कारण पूरे देश में खूब लोकप्रिय हो रही है। लगातार पार्टी का जनाधार बढ़ रहा है और वह नए-नए क्षेत्रों में अपनी पैठ बना रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी पूरी कोशिश के बाद भी भारतीय जनता पार्टी दिल्ली के लोगों का भरोसा नहीं जीत पाई है। यही कारण है कि आम आदमी पार्टी की ताकत को कमजोर करने के लिए केंद्र सरकार यह कानून ला रही है, ताकि अरविंद केजरीवाल आम आदमी की भलाई के लिए कोई नई योजना न लागू कर सकें।

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