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CBI AAI Official Case: एएआई अफसर पर ₹232 करोड़ की गड़बड़ी के आरोप, सीबीआई ने दर्ज किया नया केस; आरोपी गिरफ्तार

Thu, 18 Sep 2025 07:00 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Thu, 18 Sep 2025 07:00 PM IST
सार

सीबीआई अफसर ने बताया कि एएआई के वरिष्ठ प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) राहुल विजय को पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने देहरादून में अपनी तैनाती के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के 232 करोड़ रुपये से अधिक धन को ट्रेडिंग के उद्देश्य से अपने निजी खाते में स्थानांतरित कर दिया था।

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AAI officer accused of embezzlement of ₹232 crore, CBI registers new case; accused arrested
सीबीआई - फोटो : पीटीआई

विस्तार

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के एक वरिष्ठ प्रबंधक पर  232 करोड़ की हेराफेरी का आरोप लगा है। वहीं सीबीआई ने अफसर के खिलाफ जयपुर हवाई अड्डे पर अपने कार्यकाल के दौरान प्राधिकरण के खातों से 18.12 करोड़ रुपये की हेराफेरी का नया मामला दर्ज किया  गया। 
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सीबीआई अफसर ने बताया कि एएआई के वरिष्ठ प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) राहुल विजय को पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने देहरादून में अपनी तैनाती के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के 232 करोड़ रुपये से अधिक धन को ट्रेडिंग के उद्देश्य से अपने निजी खाते में स्थानांतरित कर दिया था।
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अधिकारियों ने बताया कि निलंबित विजय के खिलाफ नया मामला जयपुर हवाई अड्डे के एएआई के एक प्रबंधक (वित्त) की शिकायत पर दर्ज किया गया। इसमें आरोप लगाया गया कि जयपुर हवाई अड्डे पर तैनात रहते हुए विजय ने अक्टूबर 2024 और फरवरी 2025 के बीच एएआई द्वारा उसे सौंपी गई 18.12 करोड़ रुपये की राशि का धोखाधड़ी से गबन किया और इसे अपने दो भारतीय स्टेट बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया।
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उन पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने एएआई के बैंक खाते पर नियंत्रण प्राप्त करने तथा जयपुर हवाई अड्डे पर रखे गए व्यय खाते तक प्रशासकीय पहुंच प्राप्त करने के बाद धोखाधड़ी की योजना बनाई। उन्होंने बैंक भुगतान लेनदेन के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं और अनुमोदकों में से एक बनकर घोटाले को अंजाम दिया। विजय ने वास्तविक प्राप्तकर्ताओं को भुगतान जारी करने के लिए बैंक को आदेश भेजने से पहले अंतिम समय में खुद को लाभार्थी के रूप में जोड़ा और इस प्रकार बैंक से उसके खाते में धनराशि प्राप्त हुई।
 
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