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बहादुरी: रेलवे ट्रैक पर गिरा दृष्टिहीन बच्चा, जान दांव पर लगा पॉइंटमैन ने ऐसे बचाया, हुआ सम्मान
Tue, 20 Apr 2021 02:31 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Tue, 20 Apr 2021 02:31 PM IST
सार
मुंबई डिविजन के वांगणी रेलवे स्टेशन पर एक रेल कर्मी ने अपनी जान को जोखिम में डालकर एक मासूम की जान को बचाया। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने मयूर की इस बहादुरी भरी वीडियो को साझा किया।
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रेल कर्मी ने बच्चे की बचाई जान
- फोटो : ANI
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विस्तार
इंसानियत या बहादुरी किसी को सिखाई नहीं जाती, ये हर शख्स में अंदर से आती है और इसी का एक ताजा मामला महाराष्ट्र के वांगणी रेलवे स्टेशन से आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें रेलवे पॉइंटमैन मयूर शेलके ने हिम्मत दिखाते हुए एक दृष्टिबाधित बच्चे की जान बचाई।
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इस वीडियो को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्वीट किया है और मयूर की जांबाजी की जमकर तारीफ की है। वहीं, रेलवे ने बहादुर रेलकर्मी को सम्मानित भी किया। बता दें कि यह वीडियो सेंट्रल रेलवे के मुंबई डिविजन के वांगणी रेलवे स्टेशन का है। यहां एक दृष्टिबाधित बच्चा प्लेटफॉर्म नंबर दो पर चल रहा था और चलते-चलते अचानक रेलवे ट्रैक पर गिर गया।
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इसी बीच एक सुपरफास्ट ट्रेन ट्रैक पर आ रही थी, जिसे देखकर लोगों की सांसें अटक गईं, लेकिन प्वाइंटमैन मयूर शेलके ने बहादुरी दिखाकर और खुद की जान को जोखिम में डालकर बच्चे की जान को बचाया। इसी बीच मयूर ने अपनी बहादुरी की मिसाल पेश करते हुए बच्चे की जान को बचा लिया। मयूर के इस कारनामे के बाद हर जगह उसकी तारीफ हो रही है। इस बच्चे की उम्र मात्र छह साल बताई जा रही है।
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इस बहादुरी के बाद मयूर की सोशल मीडिया से लेकर उसके विभाग तक जमकर तारीफ हुई। मयूर ने इस पर कहा कि मैंने ही जैसे बच्चे को ट्रैक पर देखा, मैं उसे बचाने के लिए दौड़ने लगा। हालांकि उसी बीच मुझे अपनी सुरक्षा का भी ध्यान आया, लेकिन फिर भी मुझे लगा कि बच्चे को बचाना चाहिए। मयूर ने बताया कि बच्चे की मां नेत्रहीन थी, इसलिए कुछ कर ना सकी।