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टाटा को मिलेगा एयर इंडिया?: अमित शाह की अध्यक्षता वाला पैनल लेगा भविष्य पर फैसला, इसी हफ्ते हो सकती है बैठक
Sat, 02 Oct 2021 10:08 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sat, 02 Oct 2021 10:08 AM IST
सार
पिछले सप्ताह मंत्रियों के पैनल ने नीलामी के लिए एयर इंडिया का बेस प्राइस तय किया था। इस बोली में टाटा ग्रुप सबसे आगे चल रहा है।
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अमित शाह
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
घाटे में चल रही सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया की कमान इस सप्ताह उसके नए मालिक को सौंप दी जाएगी। नए मालिक का फैसला इस सप्ताह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंत्रियों के पैनल में किया जाएगा। संभव है कि एक सप्ताह बाद एयर इंडिया की घर वापसी हो और सरकार टाटा ग्रुप को दोबारा एयर इंडिया की कमान सौंप दे।दअरसल, टाटा ग्रुप एयर इंडिया की बोली में सबसे आगे चल रहा है। इस दौड़ में स्पाइस जेट के प्रमोटर अजय सिंह भी शामिल हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय एक सप्ताह बाद ही होना है।
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इस बीच वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने एयर इंडिया को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं किया है। एयर इंडिया के संचालन की जिम्मेदारी किसी और को सौंपने के लिए जो भी नियम व कानून हैं, उनका पालन किया जा रहा है। वह एक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
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1932 में टाटा एयरलाइंस के नाम से हुई थी शुरुआत
अगर टाटा के साथ सरकार का सौदा पक्का होता है तो विमानन कंपनी की 68 साल बाद 'घर वापसी' होगी। टाटा समूह ने अक्तूबर 1932 में टाटा एयरलाइंस के नाम से एयर इंडिया की शुरुआत की थी। वर्ष 1947 में देश की आजादी के बाद एक राष्ट्रीय एयरलाइंस की जरूरत महसूस हुई। ऐसे में भारत सरकार ने एयर इंडिया में 49 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर लिया। इसके बाद 1953 में भारत सरकार ने एयर कॉर्पोरेशन एक्ट पास किया और फिर टाटा समूह से इस कंपनी में बहुलांश हिस्सेदारी खरीद ली।
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रिजर्व प्राइस से करीब 3,000 करोड़ रुपये ज्यादा है टाटा की बोली
एक रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ग्रुप की बोली सरकार द्वारा तय किए गए रिजर्व प्राइस से करीब 3,000 करोड़ रुपये ज्यादा है। टाटा की बोली स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह द्वारा लगाई गई बोली से लगभग 5,000 करोड़ रुपये अधिक है।