सरहद के दोनों पार एक मां के प्यार की दर्द भरी दास्तां
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रोहीना कियानी पाक प्रशासित कश्मीर की एक ऐसी मां हैं जिनका आरोप है कि उनके बेटे का अपहरण उसके ही पिता ने किया है। इस बात ने 43 साल की मां रोहीना को ऐसा दर्द दिया है कि वह वह फूट-फूट कर रोती रहती हैं। रोहीना ने अपने ही पति पर इलजाम लगाया है कि वो उनके चार साल के बच्चे का अपहरण कर भारत प्रशासित कश्मीर ले गए हैं।
अब रोहीना और उनके बच्चे के बीच नजर नहीं आने वाली एक सीमा खड़ी है। मां उस सीमा के इस पार मुज्जफ्फराबाद में है जबकि उनका बेटा सीमा के उस पार कश्मीर घाटी में है। यूं तो दोनों कश्मीर के बीच दूरी कुछ ही घंटों की है, लेकिन शोक में डूबी कश्मीरी मां घंटों का यह सफर शायद वर्षों में भी नहीं कर सकेगी।
इसकी वजह कश्मीर की सीमा पर तनाव, दोनों ओर तैनात भारत और पाकिस्तान की सेना है, और आने जाने पर दोनों देशों की ओर से लगा प्रतिबंध। रोहिना रोते हुए कहती हैं कि शायद अब वह अपने बच्चे को कभी नहीं देख पाएगीं। वो बताती हैं, “वह मेरा एकमात्र सहारा था, उसे भी मुझसे छीन लिया गया।”
रोहीना की कहानी 2002 में शुरू होती है जब भारत प्रशासित कश्मीर क्षेत्र 'सालोरह गांदरबल' से आए 28 साल के गुलजार उर्फ सोहेल तानतरे से उनकी शादी हुई थी। शुरू में दोनों पति-पत्नी हंसी खुशी जीवन व्यतीत करते रहे लेकिन स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण रोहीना को चार बार मृत बच्चे पैदा हुए, जिससे दोनों परेशान थे।
उसके बाद रोहीना ने चार साल पहले एक अनाथ नवजात बच्चे को गोद लिया। मियां-बीबी ने उसका नाम आठ अक्तूबर, 2005 भूकंप में मारे गए रोहीना के भाई इफ्तिखार कयानी के नाम पर रखा।
दोनों इस बच्चे के साथ बहुत खुश थे, लेकिन रोहीना के लिए खुशी के ये दिन जल्द ही खत्म हो गए। उनका कहना है कि इसी महीने 12 मार्च को उनके पति एक दोस्त की शादी में हरिपुर जाने का बहाना बनाकर बच्चे को घर से ले गए।रोहीना का कहना है कि घर से जाने के बाद वह गुलजार से दो दिनों तक फोन पर संपर्क में रहीं, लेकिन फिर उनके पति का फोन लगातार बंद आता रहा।
रोहीना के अनुसार वह तीन दिनों तक दोनों को पाकिस्तान में तलाश करती रहीं। लेकिन उनके बारे में कुछ पता नहीं चला। वो कहती हैं कि उसके बाद कश्मीर घाटी में गुलजार के माता-पिता से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि गुलजार कश्मीर पहुंच चुका है। उन्हीं से पता चला कि वह दुबई के रास्ते कश्मीर पहुंचा है।
रोहीना के अनुसार गुलजार के वापस घर पहुंचने पर वहां की स्थानीय पुलिस ने उन्हें और बच्चे को अपनी हिरासत में ले लिया, जिसकी पुष्टि स्थानीय पुलिस ने भी फ़ोन पर की।
रोहीना ने भारत-पाक सरकारों से लगाई मदद की गुहार
उनका कहना है कि उन्होंने संबंधित थाने के पुलिस अधिकारी से संपर्क कर बेटे से बातचीत कराने की विनती की, लेकिन स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने इससे इनकार कर दिया। इस मां को एक तरफ बच्चे के बिछड़ने का दुःख है और दूसरी तरफ यह चिंता भी है कि उसका मासूम बच्चा पुलिस हिरासत में न जाने किस हाल में होगा।
रोहीना का कहना है कि गुलजार ने मई 2014 में किसी को बताए बिना अपने और बच्चे के यात्रा दस्तावेज तैयार किए, जिसकी जानकारी उन्हें कुछ दिन पहले हुई जब उन्होंने पति की अलमारी तोड़ी। वहीं से उन्हें अपने बच्चे के पासपोर्ट की फोटोकॉपी मिली।
वो कहती हैं कि दो साल पहले उनके पति ने बैंक से ऋण लेने के बहाने उनसे दस तोले गहने ले लिए, लेकिन जब बैंक से जानकारी ली गई तो पता चला कि कोई ऋण नहीं लिया गया है। रोहीना ने मुजफ्फराबाद के स्थानीय पुलिस थाने में बेटे के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई है, जबकि उनके भाइयों ने कश्मीर घाटी के उच्च पुलिस अधिकारियों को भी इसकी सूचना दी है।