ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हुई चर्चा
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ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देशों के विदेश मंत्रियों की आज शाम साढ़े चार बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने की।
A meeting of BRICS (Brazil, Russia, India, China & South Africa) Foreign Ministers is scheduled to be held today at 4:30 pm IST, via video conference.
— ANI (@ANI) September 4, 2020विज्ञापन
पांच देशों के समूह ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की ऑनलाइन बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भी हिस्सा लिया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई ब्रिक्स की बैठक में मंत्रियों ने राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक, व्यापार, वित्तीय और सतत विकास क्षेत्रों में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इसके साथ ही इंट्रा-ब्रिक्स गतिविधियों में प्रगति की समीक्षा की गई।
पांच देशों के विदेश मंत्रियों की ऑनलाइन बैठक ऐसे समय में हुई जब पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में यथास्थिति बदलने की चीन की कोशिश को भारत ने नाकाम कर दिया है। भारतीय सेना ने सोमवार को कहा था कि चीनी सेना ने 29-30 अगस्त की दरमियानी रात को पैंगोंग झील के दक्षिणी तट पर 'एक तरफा तरीके से' यथास्थिति बदलने के लिए 'उकसावे वाली सैन्य गतिविधि'की, लेकिन भारतीय सेना ने इसे नाकाम कर दिया।
गौरतलब है कि रूस के विदेश मंत्री ने 27 अगस्त को कहा था कि ब्रिक्स समूह के पांच विदेश मंत्री चार सितंबर को ऑनलाइन बैठक करेंगे। इस बैठक में सामयिक अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा तथा पांच देशों के बीच सहयोग पर चर्चा की जाएगी।
आतंकवाद के खिलाफ ब्रिक्स देश साथ आएं: जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिक्स देशों से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, सभी सदस्य देशों को सहयोग बढ़ाकर आतंकवाद व उसके समर्थकों का सफाया करना होगा। यूरोपीय संघ के एम्ब्रॉसिटी फोरम के कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा, संयुक्त राष्ट्र को वास्तविकता को देखते हुए नीतियां बनाने और दुनिया के अरबों लोगों की भावनाओं का ध्यान में रखने की जरूरत है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी और अस्थायी श्रेणी में विस्तार करने और डब्ल्यूटीओ, आईएमएफ तथा डब्ल्यूएचओ में जरूरी बदलाव की अपील की। इस कार्यक्रम में चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी मौजूद थे।