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सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान लॉ ऑफिसर हुए बेहोश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 14 Nov 2018 06:09 AM IST
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- फोटो : डेमो
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सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को उस वक्त खलबली मच गई जब सुनवाई के दौरान अदालत कक्ष में मौजूद उत्तर प्रदेश के एक अधिकारी बेहोश हो गए। आनन फानन में उन्हें कोर्ट परिसर स्थित डिस्पेंसरी में ले जाया गया। इस दौरान एंबुलेस को भी बुलाया गया। हालांकि प्राथमिक उपचार केबाद उनकी तबियत ठीक हो गई।
मंगलवार को न्यायमूर्ति एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ (कोर्ट नंबर-पांच) केसमक्ष यूपी से जुड़े एक मामले की सुनवाई हो रही थी। उस मामले में अदालती निर्देश के तहत पीठ ने प्रधान सचिव(विधि) अदालत में पेश हुए थे। उस दौरान अदालत कक्ष में एडिशनल एलआर डॉ. हुमायूं रशीन खान भी मौजूद थे। सुनवाई केबाद जब पीठ आदेश लिखवा रही थी उसी दौरान डॉ. हुमायूं बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल पुलिसकर्मियों की मदद से कोर्ट की डिस्पेंसरी ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी प्राथमिक जांच की। कुछ देर बाद उनकी तबियत में सुधार आ गया।
वास्तव में इस मामले में 29 अक्टूबर को हुई पिछली कई सुनवाई पर यूपी सरकार की ओर से कोई वकील पेश न होने के कारण पीठ ने नाराजगी जताते हुए यूपी केमुख्य सचिव को समन जारी करते हुए जवाब मांगा था। हालांकि उसी दिन बाद में एडिशनल एडवोकेट एश्वर्या भाटी द्वारा आग्रह करने केबाद पीठ ने अपने आदेश में बदलाव करते हुए मुख्य सचिव की जगह प्रधान सचिव(विधि) को पेश होने का निर्देश दिया था।
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मंगलवार को न्यायमूर्ति एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ (कोर्ट नंबर-पांच) केसमक्ष यूपी से जुड़े एक मामले की सुनवाई हो रही थी। उस मामले में अदालती निर्देश के तहत पीठ ने प्रधान सचिव(विधि) अदालत में पेश हुए थे। उस दौरान अदालत कक्ष में एडिशनल एलआर डॉ. हुमायूं रशीन खान भी मौजूद थे। सुनवाई केबाद जब पीठ आदेश लिखवा रही थी उसी दौरान डॉ. हुमायूं बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल पुलिसकर्मियों की मदद से कोर्ट की डिस्पेंसरी ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी प्राथमिक जांच की। कुछ देर बाद उनकी तबियत में सुधार आ गया।
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वास्तव में इस मामले में 29 अक्टूबर को हुई पिछली कई सुनवाई पर यूपी सरकार की ओर से कोई वकील पेश न होने के कारण पीठ ने नाराजगी जताते हुए यूपी केमुख्य सचिव को समन जारी करते हुए जवाब मांगा था। हालांकि उसी दिन बाद में एडिशनल एडवोकेट एश्वर्या भाटी द्वारा आग्रह करने केबाद पीठ ने अपने आदेश में बदलाव करते हुए मुख्य सचिव की जगह प्रधान सचिव(विधि) को पेश होने का निर्देश दिया था।
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