Bullet Train Project: बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए 99 फीसदी जमीन अधिग्रहित, ट्रेन के लिए करना होगा इतना इंतजार
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मुंबई-अहमदाबाद के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन का काम तेजी से जारी है। पीएम मोदी की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए अब तक 1,374.20 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है, जो कुल आवश्यक भूमि का लगभग 99 फीसदी है। जानकारी के अनुसार, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए गुजरात, दादरा और नगर हवेली, महाराष्ट्र से होकर गुजरेगी। केंद्र शासित प्रदेशों में 100 फीसदी भूमि अधिग्रहण हो गया है।
रेल मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गुजरात में, 954.3 हेक्टेयर में से 943.53 हेक्टेयर का अधिग्रहण किया गया है। जो राज्य में आवश्यक कुल भूमि का 98.87 फीसदी है। जबकि दादरा और नगर हवेली में पूरे 7.90 हेक्टेयर भूमि और महाराष्ट्र में, 430.45 हेक्टेयर (98.2 फीसदी) में से 422.77 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए आवश्यक कुल भूमि 1,392.63 हेक्टेयर है। अब तक लगभग 1,374.20 हेक्टेयर (98.68 फीसदी) भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
2015 में मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना की कुल लागत 1,08,000 करोड़ रुपये आंकी गई थी। लेकिन परियोजना की पूरी लागत भूमि अधिग्रहण और सभी अनुबंध पैकेजों को अंतिम रूप देने और संबंधित समय सीमा के बाद ही तय की जाएगी। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर 31 अक्तूबर, 2022 तक 32,937 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
इस हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की 81 फीसदी लागत जापान सरकार वहन कर रह रही है। जबकि शेष लागत शेयरधारकों में भारत सरकार (रेल मंत्रालय) 50 फीसदी, गुजरात सरकार 25 फीसदी, महाराष्ट्र सरकार 25 फीसदी द्वारा इक्विटी के माध्यम से प्रदान की जा रही है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित की जा रही परियोजना को दिसंबर 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
सूत्रों का कहना है कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण और अनुबंधों को अंतिम रूप देने में देरी के साथ-साथ कोविड-19 के कारण लगे लॉकडाउन का भी प्रभाव पड़ा है। इस 508 किमी रूट पर हाई स्पीड ट्रेनें 320 किमी/घंटा की गति से चलेंगी। इस दौरान 12 स्टेशनों पर ठहराव होगा। जबकि पीक ऑवर्स में 20 मिनट और नॉन-पीक आवर्स में 30 मिनट की फ्रीक्वेंसी के साथ प्रति दिन/एक दिशा में 35 ट्रेनें होंगी। यह एक सीमित स्टॉप परियोजना है और हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के लिए परिचालन नियंत्रण केंद्र साबरमती में स्थित होगा।
देश की पहली बुलेट ट्रेन का काम सितंबर 2017 में गुजरात के अहमदाबाद में शुरू हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी और पूर्व जापानी प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे ने संयुक्त रूप से परियोजना की आधारशिला रखी थी।