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मिसाल: 98 साल के बुजुर्ग ने पास की M.A. की परीक्षा, गिनीज बुक में दर्ज हो सकता है नाम

Wed, 27 Sep 2017 06:21 AM IST
amarujala.com- Presented by: देव कश्यप
amarujala.com- Presented by: देव कश्यप Updated Wed, 27 Sep 2017 06:21 AM IST
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98-year-old Raj Kumar passed the MA  examination from Nalanda Open University
98 year old Raj Kumar

जज्बा हो तो पढ़ाई के लिए उम्र मायने नहीं रखती। इसे 98 साल के राजकुमार वैश्य ने सच कर दिखाया है। मूल रूप से यूपी के बरेली निवासी वैश्य ने बैचलर ऑफ लॉ (एलएलबी) की पढ़ाई पूरी करने के 79 साल बाद एमए अर्थशास्त्र की परीक्षा द्वितीय श्रेणी से पास की है। वैश्य ने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स में एमए किया है।

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राजकुमार वैश्य ने 98 साल की उम्र में पीजी की डिग्री हासिल कर उन्होंने रिकार्ड बनाया दिया। लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में पहले ही अपना नाम दर्ज करा चुके राजकुमार का नाम अब गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय बहू भारती एस कुमार और पटना कॉलेज के हिस्ट्री के प्रोफेसर को दिया। उनके बेटे संतोष कुमार ने कहा, 'यह हमारे लिए गर्व का क्षण है।'  राजकुमार ने 1938 में इसी विषय में आगरा यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन किया था।

राजकुमार का जन्म एक अप्रैल 1920 को यूपी के बरेली में हआ था। उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा 1934 में पास की और 1938 में बीए की शिक्षा पूरी की। उन्होंने इसके बाद लॉ की पढाई भी पूरी की। फिर वह बिहार में एक कंपनी में नौकरी करने लगे। रिटायर होने के बाद वह अपने बच्चों के साथ पटना में रहने लगे।

यहां तक कि उनके बेटे और बहू भी पटना विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद से रिटायर हो चुके हैं। वृद्धावस्था में अचानक राजकुमार को पढ़ने की धुन चढ़ी और उन्होंने 96 वर्ष की उम्र में इकोनोमिक्स विषय से एमए करने की सोची। उन्होंने कहा कि इससे पहले ऐसा नहीं हुआ क्योंकि मुझ पर अपने बच्चों को पढ़ाने और घर चलाने की भी जिम्मेदारी थी। 


राजकुमार ने बताया कि आखिरकार, मैंने अपना सपना पूरा कर लिया है। अब मैं परास्नातक हूं। मैंने इस उम्र में यह साबित करने का निर्णय लिया था। कोई भी अपना सपना पूरा कर सकता है और कुछ भी हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि वह युवाओं को संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें कभी भी हार नहीं माननी चाहिए, मौका हर वक्त रहता है, केवल खुद पर विश्वास होना चाहिए।

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