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सुप्रीम कोर्ट में रामलला का केस लड़ने वाले 92 वर्षीय वकील परासरण ने टीवी पर देखा भूमि पूजन
Wed, 05 Aug 2020 03:51 PM IST
Rajeev Rai
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Wed, 05 Aug 2020 03:51 PM IST
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वरिष्ठ वकील 92 वर्षीय के. परासरण
- फोटो : Amar Ujala
अयोध्या में बुधवार को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। कोरोना संकट की वजह से इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों को ही निमंत्रण दिया गया था। जबकि राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कई चर्चित लोगों ने उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से घर पर रहकर ही पूरा कार्यक्रम देखा।
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सुप्रीम कोर्ट में रामलला विराजमान का पक्ष रखने और उनका केस लड़ने वाले वरिष्ठ वकील 92 वर्षीय के. परासरण ने घर से ही टीवी पर भूमि पूजन का पूरा कार्यक्रम देखा। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष द्वारा ट्विटर पर शेयर की गई तस्वीर में परासरण काफी भावुक नजर आ रहे थे।
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Respected Advocate Sri K Parasaharan who argued for Sri Ram Lalla Virajmaan viewing Bhumipujan of #SriRamMandir at his home with deep devotion . Heartfelt moments ... 🙏🙏🙏 pic.twitter.com/PSC4do4zvC
विज्ञापन विज्ञापन— B L Santhosh (@blsanthosh) August 5, 2020
परासरण को राममंदिर के निर्माण के लिए गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास में संस्थापक सदस्य बनाया गया है। उनके निवास आर-20, ग्रेटर कैलाश पार्ट 1 के पते पर ही इस ट्रस्ट को पंजीकृत भी किया गया है। कई सालों तक रामलला विराजमान के वकील रहे अधिवक्ता के. परासरण काफी सम्मानित हैं और अब तक कई तरह के सम्मान से सम्मानित भी हो चुके हैं।
- तमिलनाडु के श्रीरंगम में जन्मे परासरण ने 1958 में सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर प्रैक्टिस शुरू की। अपने छह दशक के करियर में उन्होंने कई अहम मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- हिंदू शास्त्रों के अच्छे जानकार परासरण वकीलों के खानदान से आते हैं। वे दो बार देश के अटॉर्नी जनरल रह चुके हैं।
- जब देश में इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल लगाया गया तब वह तमिलनाडु के एडवोकेट जनरल थे।
- 1980 में वह देश के सॉलिसिटर जनरल बने और 1983 से 1989 तक वह देश के अटॉर्नी जनरल रहे।
- उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में पद्म भूषण तो मनमोहन सरकार में पद्म विभूषण से नवाजा गया।
- वे राष्ट्रपति द्वारा छह साल के लिए राज्यसभा के लिए भी चुने गए।