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हाथरस कांड पर 92 शीर्ष पूर्व अधिकारियों ने योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र, कहा- सत्यमेव जयते
Sat, 03 Oct 2020 05:57 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Sat, 03 Oct 2020 05:57 PM IST
सार
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 92 पूर्व बड़े नौकरशाहों ने चिट्ठी लिखकर की इंसाफ की मांग
- सच की जीत का जताया भरोसा, दोषी पुलिसवालों पर एससीएसटी एक्ट के तहत हो कार्रवाई
- पीड़िता के परिवार को बंधक बनाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
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Hathras case
- फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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विस्तार
देश के 92 पूर्व लोकसेवकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर हाथरस कांड की जांच लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पूर्व लोकसेवकों ने पत्र में 'सत्यमेव
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जयते' लिखते हुए कहा है कि हाथरस के जिलाधिकारी और पुलिस बल के जवानों के खिलाफ दलित उत्पीड़न एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए क्योंकि इनकी लापरवाही के कारण हाथरस की बेटी को न्याय नहीं मिल पाया है। योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखने वालों में दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग और वजाहत हबीबुल्ला जैसे पूर्व शीर्ष अधिकारी शामिल हैं।
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पूर्व अधिकारियों ने यूपी सरकार के पिछले साढ़े तीन साल के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था के पालन न होने पर गहरी निराशा जताते हुए कहा है कि हाथरस कांड में सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि लीपापोती की कोशिश के कारण पीड़िता को अलीगढ़ के अस्पताल से दिल्ली के अच्छे अस्पताल तक नहीं ले जाया जा सका। अगर उसे समय पर अच्छा इलाज मिल जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
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अधिकारियों ने कहा है कि यह देखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि यूपी सरकार ने पीड़ितों के परिवार को लगभग बंधक सा बना रखा है और उनके किसी से मिलने-जुलने और अपनी बात रखने पर भी प्रतिबंध
लगाया गया है। इस बात पर भी घोर निराशा जताई गई है कि घटना के तीन हफ्ते बीत जाने के बाद भी अभी तक प्रशासन यह स्थापित नहीं कर सका है कि पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया या नहीं, इसके इर्द-गिर्द तरह-तरह की कहानियां बुनी जा रही हैं।
पूर्व लोकसेवकों ने मुख्यमंत्री को उनका संवैधानिक दायित्व याद दिलाते हुए कहा है कि उन्हें अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए क्योंकि शपथ लेते समय उन्होंने संविधान के मुताबिक काम करने की शपथ ली थी। अधिकारियों ने पीड़ितों के परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की है।