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IAS Cadre Rules: नौ गैर-भाजपा शासित राज्यों ने किया केंद्र का विरोध, आईएएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति के प्रस्ताव पर जताया एतराज
Wed, 26 Jan 2022 06:30 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 26 Jan 2022 06:30 PM IST
सार
डीओपीटी ने हाल में आईएएस (कैडर) नियम, 1954 में बदलाव का प्रस्ताव दिया है, जो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों की मांग के लिए केंद्र के अनुरोध को रद्द करने के लिए राज्यों की शक्ति को छीन लेगा।
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ममता बनर्जी
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
आईएएस अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर केंद्र के प्रस्ताव के विरोध में गैर-भाजपा शासित राज्य एक साथ आ गए हैं। ओडिशा, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और झारखंड समेत अब तक नौ गैर-भाजपा शासित राज्यों ने कहा कि यह देश के संघीय ढांचे के खिलाफ है। वहीं, केंद्र सरकार ने प्रस्ताव का बचाव करते हुए कहा है कि राज्य प्रतिनियुक्ति के लिए पर्याप्त संख्या में आईएएस के अधिकारियों को नहीं भेज रहे हैं, जिससे केंद्र में प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है।
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कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के सूत्रों ने कहा कि केंद्र में संयुक्त सचिव स्तर तक आईएएस अधिकारियों का प्रतिनिधित्व घट रहा है क्योंकि अधिकतर राज्य केंद्रीय प्रतिनियुक्ति रिजर्व (सीडीआर) के अपने दायित्वों को पूरा नहीं कर रहे हैं और केंद्र में सेवा के लिए उनके द्वारा प्रायोजित अधिकारियों की संख्या बहुत कम है।
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दरअसल, डीओपीटी ने हाल में आईएएस (कैडर) नियम, 1954 में बदलाव का प्रस्ताव दिया है, जो केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर अधिकारियों की मांग के लिए केंद्र के अनुरोध को रद्द करने के लिए राज्यों की शक्ति को छीन लेगा।
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किस राज्य ने क्या कहा...
- ओडिशा ने कहा कि यह कदम एक बार लागू होने के बाद राज्यों के प्रशासन को प्रभावित करेगा और विभिन्न विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर प्रभाव डालेगा। महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड और राजस्थान ने भी संशोधनों के खिलाफ आवाज उठाई है।
- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रस्तावित संशोधनों को कठोर और एकतरफा कार्रवाई को बढ़ावा देने वाला बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रस्ताव को रद्द करने के लिए कहा है।
- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम से प्रस्ताव वापस लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह अधिकारियों के बीच डर की भावना पैदा करेगा और उनके प्रदर्शन को प्रभावित करेगा।
- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी प्रधानमंत्री से इस कदम को छोड़ने का आग्रह करते हुए कहा है कि यह देश की संघीय नीति और राज्यों की स्वायत्तता की जड़ पर हमला है।
- राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि प्रस्तावित बदलाव केंद्र और राज्य सरकारों के लिए निर्धारित संवैधानिक अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन करेंगे और अधिकारियों द्वारा बेखौफ तथा ईमानदारी से काम करने की भावना को कम करेंगे।
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रस्तावित संशोधन सहयोगात्मक संघवाद की भावना के खिलाफ हैं और यदि इसे लागू किया जाता है तो राज्यों की प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा सकती है।