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Climate: दुनिया के 80% लोगों ने जुलाई में झेली भीषण गर्मी, जलवायु परिवर्तन-ग्लोबल वार्मिंग और अल नीनो का असर

Sat, 05 Aug 2023 06:18 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Sat, 05 Aug 2023 06:18 AM IST
सार

क्लाइमेट सेंट्रल हर दिन अपने जलवायु परिवर्तन सूचकांक (सीएसआई) के माध्यम से उच्च तापमान के प्रभावों का विश्लेषण करता है। इसके तहत 1 से 31 जुलाई तक 200 देशों के 4,700 शहरों के विश्लेषण में शामिल किया गया था। 

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80% of the world faced severe heat in July effect of global warming and El Nino
इस सूर्य मंदिर में छिपा है अद्भुत रहस्य (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

विस्तार

ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो के कारण जुलाई, 2023 सबसे गर्म महीना था। इसका प्रभाव दुनिया भर में महसूस किया गया। उत्तरी गोलार्ध के कई क्षेत्रों को एक साथ हीटवेव का सामना करना पड़ा। क्लाइमेट सेंट्रल द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की 80 फीसदी आबादी ने एक दिन उच्च तापमान का अनुभव किया। यह उच्चतम तापमान सामान्य से तीन गुना अधिक था।

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क्लाइमेट सेंट्रल हर दिन अपने जलवायु परिवर्तन सूचकांक (सीएसआई) के माध्यम से उच्च तापमान के प्रभावों का विश्लेषण करता है। इसके तहत 1 से 31 जुलाई तक 200 देशों के 4,700 शहरों के विश्लेषण में शामिल किया गया था। जुलाई में सभी महाद्वीपों पर तापमान ने नए रिकॉर्ड बनाए। चीन में 16 जुलाई को पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र में अब तक का सबसे अधिक तापमान 52.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। उत्तरी अमेरिका में संयुक्त राज्य अमेरिका के फीनिक्स शहर, एरिजोना का तापमान लगातार 31 दिनों तक रिकॉर्ड 43.3 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में सर्दियां सामान्य से अधिक गर्म रही। पेरू और उरुग्वे जैसे कई दक्षिण अमेरिकी देशों में सर्दियों में लू चली। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके अलावा कम से कम 2 अरब लोगों, यानी वैश्विक आबादी का 25 फीसदी ने जुलाई के प्रत्येक दिन सीएसआई तीन या अधिक के जलवायु परिवर्तन के प्रभाव महसूस किए। तापमान का कहर 10 जुलाई को चरम पर था जब 3.5 बिलियन लोगों ने तीन या इससे अधिक के सीएसआई स्तर का अनुभव किया।

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छोटे द्वीप सबसे अधिक प्रभावित
सबसे बुरा असर छोटे द्वीप विकासशील राज्यों पर पड़ा। इनमें कैरेबियन क्षेत्र के 11 देश शामिल हैं। यह सभी देश जुलाई के उच्चतम औसत सीएसआई स्तर पांच वाले 28 देशों में शामिल हैं। 768 शहर ऐसे थे जिनका औसत सीएसआई चार से अधिक था। जुलाई के सभी 31 दिनों में जेद्दा में उच्चतम औसत सीएसआई 4.9 दर्ज किया गया। इस दौरान 5.8 उच्चतम सीएसआई वाला शहर ट्यूनिस, ट्यूनीशिया था।

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अलनीनो का असर
रिपोर्ट में कहा गया है जैसे-जैसे जलवायु गर्म होगी इसके प्रभाव तेज होंगे। अभी कुछ दिनों तक अत्यधिक गर्मी जारी रहने की संभावना है क्योंकि अल नीनो की स्थिति और मजबूत होगी। शोधकर्ताओं के अनुसार दीर्घावधि में वैश्विक और स्थानीय तापमान का रिकॉर्ड आने वाले वर्षों में बार-बार टूटना निश्चित है। ऐसा तब तक होता रहेगा जब तक कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन शून्य नहीं हो जाता।

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