डिजिटल भुगतान से 8 लाख लोगों ने जीते 133 करोड़ रुपये के इनाम
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नोटबंदी के बाद लोगों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से शुरू की गई नीति आयोग की इनामी योजना के बारे में उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर में रहने वाले अनिल कुमार को कोई विस्तृत जानकारी नहीं थी। लेकिन पिछले सप्ताह जब उनको दिल्ली से आए एक फोन के जरिए जानकारी मिली कि उन्हें इस योजना के तहत 1,000 रुपये का इनाम मिला है, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
नीति आयोग का कहना है कि डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई लकी ग्राहक योजना के अंतर्गत पिछले 50 दिनों में अनिल कुमार जैसे आठ लाख लोगों ने कुल 133 करोड़ रुपये इनाम के रूप में जीते हैं। अभी इस योजना के करीब 50 दिन और बचे हैं। इसका अर्थ यह है कि अभी भी करोड़ रुपये का इनाम जीतने का मौका है। डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बीते 25 दिसंबर को लकी ग्राहक योजना और डिजि-धन व्यापार योजना शुरू की थी।
'सभी वर्गों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं'
नीति आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि इन योजनाओं में सभी वर्गों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। साथ ही इस योजना में महिलाओं और पुरुषों, दोनों ने ही सक्रिय रूप से हिस्सा लिया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक जैसे 5 राज्यों से सबसे ज्यादा लोगों ने इनाम जीते हैं।
आयोग के मुताबिक, इनाम पाने वाले ज्यादातर लोग 21 से 30 वर्ष की उम्र के हैं। साथ ही ज्यादा उम्र के लोग भी डिजिटल पेमेंट करने के लिए बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। ये योजनाएं आगामी 14 अप्रैल तक जारी रहेंगी। इन योजनाओं में हिस्सा लेने और इनाम जीतने के लिए जरूरी है कि भुगतान रुपे कार्ड, भीम ऐप, यूपीआई, यूएसएसडी और आधार आधारित पेमेंट सर्विस के जरिए किया जाए। निजी कंपनियों की डिजिटल भुगतान प्रणाली, जैसे पेटीएम, फ्रीचार्ज, मोबिक्विक आदि की तरह के वॉलेट को इसमें शामिल नहीं किया गया है।