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'राजनीतिक दलों की  69 फीसदी आय अज्ञात स्रोतों से' 

Wed, 25 Jan 2017 05:44 AM IST
अमित कुमार निरंजन/ नई दिल्ली
अमित कुमार निरंजन/ नई दिल्ली Updated Wed, 25 Jan 2017 05:44 AM IST
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69 percent of funding of political parties comes from 'unknown' sources according to ADR
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देश की लगभग सभी राजनीतिक दलों को साल दर साल जमकर आय हुई। देश की छह राष्ट्रीय और 51 क्षेत्रीय दलों को वित्त वर्ष 2004-05 से वित्त वर्ष 2014-2015 तक 11 हजार 367 करोड़ रुपये की आय हुई। इसमें से 69 फीसदी आय इन राजनीतिक दलों को अज्ञात स्रोतों से हुई। इस बात का खुलासा एडीआर की रिपोर्ट से हुआ है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) ने यह रिपोर्ट आयकर रिपोर्ट, ऑडिट रिपोर्ट और आरटीआई के जरिए तैयार की है।

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एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक राजनीतिक दलों को 16 फीसदी (एक हजार 835 करोड़ रुपये) आय ज्ञात स्रोत से हुई। इसके अलावा 15 फीसदी (एक हजार 699 करोड़ रुपये) की राशि अज्ञात स्रोत (अचल संपत्ति, पुराने अखबार बेचकर, सदस्यता शुल्क, डेलिगेट शुल्क लेकर, बैंक ब्याज, पब्लिकेशन कंटेंट की बिक्री और लेवी आदि) से प्राप्त हुई। अज्ञात स्रोत से राजनीतिक दलों को सात हजार 833 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई।
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दलों को पुराने फर्नीचर, पुराने अखबार, ब्याज, किताबों की बिक्री से भी आय होती है

69 percent of funding of political parties comes from 'unknown' sources according to ADR

रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा, कांग्रेस, बसपा, राकांपा, माकपा, भाकपा की नौ हजार 278 करोड़ रुपये में से 6 हजार 612 करोड़ रुपये अज्ञात स्रोत से आए। वहीं, क्षेत्रीय पार्टियों को 1220 करोड़ अज्ञात स्रोत से आय हुई, जबकि उन्हें 2089 करोड़ रुपये की कुल आय 11 सालों में हुई। उधर, एक दशक में कांग्रेस की आय 83 फीसदी (3,323 करोड़ रुपये), भाजपा की आय 65 फीसदी (2125 करोड़ रुपये), समाजवादी पार्टी की आय 94 फीसदी (766 करोड़ रुपये) और शिरोमणि अकाली दल की आय 86 फीसदी (88 करोड़ रुपये) बढ़ गई। उधर, 51 दलों में से सिर्फ छह दलों की ही 11 सालों की सभी दान की जानकारी चुनाव आयोग के पास उपलब्ध है। इन सालों में 45 दलों ने कम से कम एक वित्त वर्ष के लिए चुनाव आयोग को अपना दान का विवरण जमा नहीं किया, जबकि 12 दल ऐसे हैं जिन्होंने एक भी दान रिपोर्ट चुनाव आयोग में वर्ष 2004-05 से जमा नहीं कराया।

एडीआर की सदस्या लक्ष्मी श्रीराम ने बताया कि राजनीतिक दलों को पुराने फर्नीचर, पुराने अखबार, ब्याज, किताबों की बिक्री से भी आय होती है। इसलिए इनको मिलने वाली राशि को आय की श्रेणी में रखा गया है। हालांकि इस आय में अधिकांश राशि किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा दिए जाने वाले चंदे से प्राप्त होती है। इसके अलावा जिन्होंने 20 हजार से कम दान देने वालों का ब्यौरा देने के लिए पार्टियां बाध्य नहीं हैं। अज्ञात स्रोतों में कूपनों की बिक्री, आजीवन सहयोग निधि, रिलीफ फंड, स्वेच्छा से योगदान, बैठक में मिलने वाली राशि आदि भी शामिल हैं।

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