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बंगलूरू के अस्पताल में चल रहा है यमन से आपात स्थिति में लाए गए 62 मरीजों का इलाज
Wed, 23 Dec 2020 09:21 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, बंगलूरू
पीटीआई, बंगलूरू
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 23 Dec 2020 09:21 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
बंगलूरू का एक निजी अस्पताल यमन के विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे 62 मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। करीब नौ महीने से गंभीर बीमारी से जूझ रहे इन मरीजों को तत्काल प्रतिरोपण समेत अन्य चीजों की आवश्यकता थी, जिसके मद्देनजर केंद्र की मदद से उनकी आपात निकासी की गई।
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इन मरीजों और उनके परिजनों के साथ-साथ करीब 120 यात्रियों को आपात स्थिति में यमन से भारत लाया गया था। बंगलूरू के एस्टर अस्पताल ने बुधवार को एक बयान जारी कर बताया कि इनमें से अधिकतर मरीज गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
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बयान में कहा गया है कि महामारी की वजह से यात्रा पर लगे प्रतिबंध के कारण इन मरीजों का इलाज रुक गया था। महामारी के दौरान इलाज और देखभाल में कई महीने की देरी से इन मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ती जा रही थी। इससे यह संकेत मिला कि उन्हें चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है।
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सभी मरीजों और उनके परिजनों के विमान में सवार होने से पहले और बंगलूरू में उतरने के बाद कोविड-19 जांच में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। वर्तमान में अफ्रीका व खाड़ी क्षेत्र के करीब 200 मरीजों ने आवेदन दिया है और उन्हें आगामी हफ्तों में आगे के इलाज के लिये अस्पताल लाया जाएगा ।
अस्पताल ने बताया कि 62 मरीजों में से 13 मामले युद्ध में घायल होने के हैं, जिनमें उनके घुटने और रीढ़ में चोट है। चार मरीजों को कैंसर के इलाज की आवश्यकता है। तीन मरीजों को अंग प्रतिरोपण की जरूरत है, जबकि दो मरीजों को दिल की बीमारी है।
केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंदा गौड़ा के हवाले से बयान में कहा गया है, 'अफ्रीका एवं खाड़ी देशों के विभिन्न मरीजों का आवेदन मिला था, जो महामारी के दौरान बंगलूरू के अस्पताल में इलाज कराना चाहते थे, इसलिये हमने एस्टर अस्पताल के साथ सहयोग किया और सुनिश्चत किया कि इन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।'