5जी नेटवर्क : कारोबार और रोजगार में तेजी लाएगा, 8 तकनीकी विश्वविद्यालयों में तेज किए घरेलू तकनीक के परीक्षण
दूरसंचार कंपनियां स्पेक्ट्रम के ऊंचे आरक्षित मूल्य के बावजूद 5जी की नीलामी में एक-1.1 लाख करोड़ रुपये खर्च कर सकती हैं। इससे 5जी क्षमताओं के विकास के साथ क्षेत्र की कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी। इक्रा ने कहा कि आगामी नीलामी से इन कंपनियों का कर्ज स्तर भी बढ़ सकता है।
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5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी की घोषणा के साथ केंद्र ने बताया कि देश के 8 तकनीकी विश्वविद्यालयों में घरेलू 5जी तकनीक के परीक्षण तेज कर दिए गए हैं। उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के जरिये मोबाइल हैंडसेट, दूरसंचार उपकरणों व इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन को भी बढ़ावा मिल रहा है। इनके जरिये भारत अपना 5जी इकोसिस्टम विकसित कर रहा है।
5जी से अभी के मुकाबले 10 गुना तेज इंटरनेट सेवा मिलेगी। इससे न केवल कारोबार बढ़ेगा बल्कि उद्योगों की कमाई और रोजगार में भी इजाफा होगा। देश आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से बढ़ेगा। 10 गुना तेज इंटरनेट का मतलब यह भी है कि उत्पादक यूजर्स तक सीधे एवं तुरंत सेवाएं पहुंचा सकेंगे। वित्तीय गतिविधियों में भी नई तेजी आएगी।
यह डिजिटल इंडिया का विजन है : दूरसंचार मंत्री
- दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दावा किया कि 5जी सेवाओं के जरिए भारत में नागरिकों को टेलीकॉम सेवाओं के नये दौर में प्रवेश करने का मौका मिलेगा। यह टेलीकॉम क्षेत्र में सुधार और विकास के साथ प्राइवेट कैप्टिव नेटवर्क को भी बढ़ावा देगा।
- अश्विनी वैष्णव ने इसे पीएम नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के विजन का परिणाम बताया।
सीधे स्पेक्ट्रम खरीद का रास्ता खुला रखा : फोरम
- गूगल, अमेजन, मेटा, टीसीएस सहित प्रमुख टेक कंपनियों के भारत में बने संगठन ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम (बीआईएफ) ने कैप्टिव नेटवर्क पर केंद्र के निर्णय को सराहा। बीआईएफ अध्यक्ष टीवी रामचंद्रन ने कहा, सरकार ने उनके लिए विभाग से स्पेक्ट्रम की सीधी खरीद का रास्ता खुला रखा है। बीएफआई ऐसा ही चाहती थी। सरकार ने फिलहाल उन्हें दूरसंचार कंपनियों से स्पेक्ट्रम लीज पर लेने के लिए कहा है।
- भविष्य में मांग और ट्राई की सिफारिशों का अध्ययन करते हुए सीधे आवंटन पर विचार होगा। रामचंद्रन ने कहा कि सभी क्षेत्रों के डिजिटलीकरण के चलते इन निजी नेटवर्क से रोजगार व कारोबार बढ़ेगा। सरकार को लाइसेंस व अन्य शुल्क से अतिरिक्त आय मिलेगी।
एक-एक लाख करोड़ खर्च कर सकती हैं कंपनियां : इक्रा
दूरसंचार कंपनियां स्पेक्ट्रम के ऊंचे आरक्षित मूल्य के बावजूद 5जी की नीलामी में एक-1.1 लाख करोड़ रुपये खर्च कर सकती हैं। इससे 5जी क्षमताओं के विकास के साथ क्षेत्र की कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी। इक्रा ने कहा कि आगामी नीलामी से इन कंपनियों का कर्ज स्तर भी बढ़ सकता है। हालांकि, दूरसंचार कंपनियों का मानना है कि नीलामी के लिए आरक्षित मूल्य बहुत अधिक है।
हर यूजर से 170 रुपये की कमाई का अनुमान
- इक्रा का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2023 तक हर यूजर से कंपनियों की औसत आय 170 रुपये तक पहुंच सकती है।
- इसकी वजह टेलीफोन सेवा की कीमतों में वृद्धि और ज्यादा यूजर्स द्वारा 4जी सेवाएं खरीदना हो सकती हैं।