MP-MLA Cases: पांच साल में CBI ने 56 'माननीयों' पर दर्ज किए केस, 22 के खिलाफ आरोप पत्र दायर
लोकसभा में आज केंद्रीय कार्मिक व प्रशिक्षण मंत्रालय ने बताया कि 2017 से लेकर 31 अक्तूबर 2022 तक सीबीआई ने माननीयों के खिलाफ ये केस दर्ज किए गए। माननीयों के खिलाफ सबसे ज्यादा 10 केस आंध्र प्रदेश में दर्ज हुए। वहीं, यूपी व केरल दूसरे नंबर पर रहे। यहां 6—6 केस दर्ज किए गए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पिछले पांच सालों में देश के 56 सांसदों व विधायकों के खिलाफ सीबीआई ने केस केस दर्ज किए हैं। इनमें से 22 के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर दिए गए हैं। लोकसभा में आज केंद्रीय कार्मिक व प्रशिक्षण मंत्रालय (DoPT) ने बताया कि 2017 से लेकर 31 अक्तूबर 2022 तक सीबीआई ने माननीयों के खिलाफ ये केस दर्ज किए गए। माननीयों के खिलाफ सबसे ज्यादा 10 केस आंध्र प्रदेश में दर्ज हुए। वहीं, यूपी व केरल दूसरे नंबर पर रहे। यहां 6-6 केस दर्ज किए गए। तीसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल व अरुणाचल प्रदेश रहे, जहां के पांच-पांच माननीयों के खिलाफ केस दर्ज किए गए।
56 cases were registered by CBI against MLAs and MPs from 2017 to 2022 (up to 31.10.2022) out of which chargesheet were filed in 22 cases: Department of Personnel & Training (DoPT) in Lok Sabha pic.twitter.com/fRnKrfnR4l
— ANI (@ANI) December 7, 2022विज्ञापन
सीबीआई ने दर्ज किया मामला
सीबीआई ने गांधीनगर स्थित प्लाज्मा अनुसंधान संस्थान (आईपीआर) के तीन वैज्ञानिकों के खिलाफ बेकार सुपरकंडक्टर सामग्री खरीदकर संस्थान को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। सीबीआई के अधिकारियों ने बुधवार को इसके बारे में जानकारी दी।
सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, वैज्ञानिकों-पूर्व अतिरिक्त निदेशक सुब्रत प्रधान, अनन्या कुंडू और प्रसेनजीत संतरा के साथ-साथ पूर्व लेखा अधिकारी ह्रदेश कुमार शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन पर गलतबयानी, धोखाधड़ी और अपने आधिकारिक पदों के दुरुपयोग करने का आरोप है।
जानकारी के मुताबित, आरोप है कि प्रधान ने आईपीआर की ओर से 2012-2015 की अवधि के दौरान सुपरकंडक्टर सामग्री-नाइओबियम टिन, स्ट्रैंड्स की खरीद के लिए दो खरीद ऑर्डर और एक आपूर्ति समझौते के माध्यम से निविदा जारी की थी।