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खुलासा: सभंलकर करें ऑनलाइन खरीदी, 50 फीसदी लोग बोले- प्रोडक्ट पर नही होती एमआरपी और एक्सपायरी डेट

Fri, 24 Dec 2021 06:38 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 24 Dec 2021 06:38 PM IST
सार

लोगों का यह भी कहना है कि खाने से संबंधित सामानों पर कंपनियां कई बार एक्सपायरी डेट सामान डिलीवरी होने के महज एक या दो माह बाद की देती है। जिससे हमारा सामान खराब हो जाता है फिर हमें उसे उपयोग नहीं कर पाते है।

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50 percent people said That there is no MRP and expiry date on the product In Online Shopping Latest News Update
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

कोरोना लॉकडाउन के बाद से देश में ऑनलाइन शॉपिंग का चलन तेजी से बढ़ा है। आज कई कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक आईटम, किराना से लेकर खाना तक घर पर डिलीवरी करवा रही है। हालांकि एक सर्वे में यह भी सामने आया है कि मीशो, शोपी और स्विगी इंस्टा मार्ट जैसे बड़ी कंपनियां सरकार के नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं। कंपनियों की वेबसाइट या एप पर उपलब्ध प्रोडक्ट्स पर न तो एक्सपायरी डेट नहीं लिखी होती है न ही एमआरपी। ऐसे में उपभोक्ताओं को सामान मिलने के बाद बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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ई कॉमर्स कंपनियों को लेकर किए लोकल सर्किल के सर्वे में सामने आया कि मीशो और स्विगी इंस्टा मार्ट कंपनी की वेबसाइट या एप पर मौजूद प्रोडक्ट्स में एमआरपी तो दी होती है लेकिन इसमें एक्सपायरी डेट नहीं बताई जाती है। जबकि शोपी कंपनी के प्रोडक्ट्स में एमआरपी नहीं होती है एक्सपायरी डेट दी जाती हैं। सर्वे में शामिल 50 प्रतिशत लोगों ने कहा कि, इन कंपनियों की वेबसाइट या एप अधिकांश प्रोडक्ट्स की एमआरपी नहीं बताई जाती है। जबकि 90 प्रतिशत लोगों ने यह कहा कि इन कंपनियों के सामानों पर एक्सपायरी डेट भी नहीं लिखी होती है।
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लोगों का यह भी कहना है कि खाने से संबंधित सामानों पर कंपनियां कई बार एक्सपायरी डेट सामान डिलीवरी होने के महज एक या दो माह बाद की देती है। जिससे हमारा सामान खराब हो जाता है फिर हमें उसे उपयोग नहीं कर पाते है।
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लोकल सर्किल के फाउंडर चेयरमैन सचिन तापड़िया ने अमर उजाला को बताया कि, ई कॉमर्स सेक्टर के लिए भारत सरकार ने 2017 में पैकैज कमोडिटी एक्ट लेकर आई है। जिसके अंतर्गत सभी ई कॉमर्स कंपनियों को अपनी वेबसाइट और एप पर सामान संबंधित सभी जानकारी देना अनिवार्य किया है। इसमें एक्सपायरी डेट और एमआरपी जैसी महत्वपूर्ण जानकारी उपभोक्ताओं को देना अनिवार्य है।


हाल ही में जब हमने ई कॉमर्स साइट को लेकर एक सर्वे किया तो सामने आया कि पिछले दो से तीन साल में आई कई नई कंपनियां सरकार के इस नियम का पालन नहीं कर रही है। जिससे आम उपभोक्ताओं को बहुत परेशानी हो रही है। अधिकांश केस ऐसे भी देखने को मिले जिसमें वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध प्रोडक्ट की कीमत कुछ ओर दिखाई जाती है जबकि प्रोडक्ट मिलने पर कुछ ओर ही एमआरपी लिखी होती है। हमने इस सर्वे को उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय अफसरों के संज्ञान में लाया है। मंत्रालय इस पर जल्द कोई कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया है।

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