फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   5 Judges Of Supreme court from 5 religion, who Heard On Triple Talaq

सुप्रीम कोर्ट के इन पांच जजों ने सुनाया ट्रिपल तलाक पर फैसला

Tue, 22 Aug 2017 11:57 AM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा Updated Tue, 22 Aug 2017 11:57 AM IST
विज्ञापन
5 Judges Of Supreme court from 5 religion, who Heard On Triple Talaq
सु्प्रीम कोर्ट - फोटो : SELF

सुप्रीम कोर्ट मुस्लिम महिलाओं को लेकर आज अहम फैसला सुनाएगा। कोर्ट तय करेगा कि महिलाओं के लिए मान-सम्मान के साथ जीने का संवैधानिक अधिकार बड़ा है या तीन तलाक की प्रथा। गौरतलब है कि, हमेशा से तीन तलाक के लिए धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का हवाला दिया जाता रहा है। मुस्लिम महिलाओं की लंबी लड़ाई के बाद शीर्ष अदालत से आने वाले इस फैसले पर देश भर की नजर रहेगी। सुप्रीम कोर्ट में पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष छह दिन की मैराथन सुनवाई के दौरान सभी पक्षों ने तीन तलाक के समर्थन और विरोध में अपनी दलीलें रखीं। आइए जानते हैं कौन हैं उन पांच जजों के बारे में जिन्होंने तीन तलाक के मुद्दे पर सुनवाई की है। 

विज्ञापन


जस्टिस जेएस खेहर
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जेएस खेहर का जन्म 28 अगस्त 1952 को हुआ था। खेहर ने 1979 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में वकालत शुरू की थी। जनवरी 1992 में वो पंजाब के एडिशनल जनरल एडवोकेट बनाए गए। 8 फरवरी 1999 को पंजाब हाई कोर्ट में बतौर जज जस्टिस खेहर की नियुक्ति हुई। 2011 सितंबर में वह सुप्रीम में जज बने। चार जनवरी 2017 को खेहर सुप्रीम के मुख्य न्यायधीश बने। 28 अगस्त, 2017 को वो रिटायर हो जाएंगे। जस्टिस खेहर तीन तलाक पर अपने रिटायरेंट से पहले सुनवाई पूरी करना चाहते हैं। गौरतलब है कि जस्टिस खेहर सिख धर्म से आते हैं। 
विज्ञापन


जस्टिस कुरियन
तीन तलाक के मुद्दे पर सुनवाई करने वाले दूसरे न्यायाधीश जस्टिस कुरियन का जन्म 30 नवंबर 1953 में केरल में हुआ था। जस्टिस कुरियन केरल हाई कोर्ट के दो बार कार्यकारी मुख्य न्यायधीश रह चुके हैं। 8 मार्च, 2013 को जस्टिस कुरियन सुप्रीम कोर्ट में जज बने। बता दें कि 29 नवंबर, 2018 को कुरियन रिटायर होंगे। गौरतलब है कि जस्टिस कुरियन ईसाई धर्म से आते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

कौन हैं ये पांच न्यायाधीश?

5 Judges Of Supreme court from 5 religion, who Heard On Triple Talaq

जस्टिस आरएफ नरीमन
जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन का जन्म 13 अगस्त 1956 को मुंबई में हुआ था। आरएफ नरीमन को सुप्रीम कोर्ट का सीनियर वकील बनाया था। जस्टिस नरीमन 45 साल के बजाए 37 साल में ही सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील बन गए थे। इसके लिए जस्टिस वेंकेटचेलैया ने कोर्ट के नियमों में संशोधन किया था। 7 जुलाई, 2014 को नरीमन सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने। वह पारसी धर्म से आते हैं। 

जस्टिस उदय उमेश ललित
जस्टिस उदय उमेश ललित का जन्म 9 नवंबर 1957 को हुआ था। उदय उमेश ललित ने 1983 में वकालत शुरू की थी। उन्होंने 1985 तक बॉम्बे हाई कोर्ट में वकालत की, इसके बाद 1986 में वकालत करने के लिए वो दिल्ली आ गए। अप्रैल 2004 में वह सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील बने। 13 अगस्त, 2014 को जस्टिस ललित सुप्रीम कोर्ट में जज बने। जस्टिस उदय उमेश ललित हिंदू धर्म से आते हैं। वो 8 नवंबर, 2022 को रिटायर होंगे। 

जस्टिस अब्दुल नजीर
जस्टिस अब्दुल नजीर का जन्म 5 जनवरी 1958 को कर्नाटक हुआ था। उन्होंने वकालत की शुरुआत कर्नाटक हाई कोर्ट से 1983 में की। जस्टिस नजीर को 2003 में कर्नाटक हाई कोर्ट में अतिरिक्त जज बनाया गया। वहीं सितंबर 2004 में उन्हें कर्नाटक हाई कोर्ट का स्थायी जज नियुक्त किया गया। नजीर तीसरे ऐसे जज हैं जो बिना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस बने, सुप्रीम कोर्ट के जज बने। उन्हें इसी साल फरवरी में सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया। वह मुस्लिम धर्म से आते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed