{"_id":"63fe2328662b3e7db406ec94","slug":"5-children-dead-in-kolkata-due-to-respiratory-infections-latest-news-update-2023-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kolkata: कोलकाता में सांस से जुड़े संक्रमण से पांच शिशुओं की मौत, जानें पूरा मामला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Kolkata: कोलकाता में सांस से जुड़े संक्रमण से पांच शिशुओं की मौत, जानें पूरा मामला
Tue, 28 Feb 2023 09:22 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 28 Feb 2023 09:22 PM IST
सार
बच्चों में एडेनोवायरस आमतौर पर श्वसन और आंत्र नलिका में संक्रमण का कारण बनता है। चिकित्सकों का कहना है कि दो साल तक के उम्र के बच्चों को संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा रहता है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर स्थित विभिन्न अस्पतालों में पिछले 24 घंटे में श्वसन संक्रमण के कारण पांच बच्चों की मौत हो गई। इससे राज्य में एडेनोवायरस के बढ़ते मामलों की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, मौतें संक्रमण के कारण हुई हैं या नहीं? इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सांस संबंधी संक्रमण से पांच बच्चों की मौत के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक की, जिसके बाद सरकार ने कई निर्देश जारी किए।
विज्ञापन
सरकार ने 24x7 आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर- 1800-313444-222 जारी किया है। निर्देश में कहा गया है कि सभी बाल चिकित्सा तीव्र श्वसन संक्रमण (एआरआई) क्लीनिक मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों (एमसीएच), जिला अस्पतालों और उप-मंडल अस्पतालों में चौबीसों घंटे खुले रहेंगे। अस्पताल के संबंधित एमएसवीपी या अधीक्षक की जानकारी के बिना बाल चिकित्सा एआरआई मामलों को रेफर नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
साथ ही सरकार ने अस्पतालों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वेंटिलेटर और अन्य लॉजिस्टिक तैयार करने का भी निर्देश दिया। बयान में कहा गया कि आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को ऐसे संक्रमणों के संकेतों के बारे में जागरूक किया जाएगा। मास्क के उपयोग के बारे में जागरुकता बढ़ाने और बच्चों को भीड़ व सार्वजनिक स्थानों से बचाने पर जोर दिया गया है। निर्देश में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा बाल चिकित्सा एआरआई मामलों की देखभाल को लेकर नियमित प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
विज्ञापन
क्या है एडेनोवायरस?
बच्चों में एडेनोवायरस आमतौर पर श्वसन और आंत्र नलिका में संक्रमण का कारण बनता है। चिकित्सकों का कहना है कि दो साल तक के उम्र के बच्चों को संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। दो से पांच साल की उम्र वाले बच्चों को भी संक्रमण का अधिक खतरा होता है। पांच से 10 साल तक के बच्चे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं, लेकिन उन्हें कम उम्र के बच्चों की तुलना में इसका खतरा कम होता है। चिकित्सकों ने कहा कि 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों के इस वायरस से संक्रमित होने का कम खतरा होता है। फिर भी सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि ज्यादातर मामलों का घर पर ही इलाज संभव है।
निमोनिया की वजह से हुई मौत
उन्होंने बताया कि पांच बच्चों में से दो का कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इलाज चल रहा था। तीन अन्य का इलाज डॉ. बीसी रॉय पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ पीडियाट्रिक साइंसेज में चल रहा था। अधिकारी ने बताया कि सभी पांच बच्चों की मौत निमोनिया की वजह से हुई। हम नौ महीने की बच्ची की जांच रिपोर्ट का अभी भी इंतजार कर रहे हैं, ताकि यह पुष्टि हो सके कि उसकी मौत एडेनोवायरस के कारण हुई या नहीं।
सरकारी अस्पतालों में दो शिशुओं की मौत
एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि श्वसन संक्रमण के कारण कोलकाता के सरकारी अस्पतालों में दो शिशुओं की मौत हो गई। पड़ोसी हुगली जिले के चंद्रनगर के नौ महीने के बच्चे की कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्चे की मौत डॉ. बीसी रॉय पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ पीडियाट्रिक साइंसेज में हुई। दोनों मौतों की सूचना सोमवार को मिली।