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महाराष्ट्र: आठ अस्पतालों ने मरीज को भर्ती करने से किया मना, व्यक्ति की मौत

Sun, 19 Apr 2020 11:46 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Sneha Baluni Updated Sun, 19 Apr 2020 11:46 AM IST
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49 year old man dies of severe breathlessness while family tried to admit him in eight hospitals in mumbai
कोरोना मरीज को ले जाते स्वास्थ्य कर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

महाराष्ट्र में एक 49 साल के व्यक्ति की मौत इसलिए हो गई क्योंकि आठ अस्पतालों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। मरीज को सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। उनके भाई ने आरोप लगाया कि शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक वह उन्हें आठ अस्पतालों में लेकर गए लेकिन किसी ने भी भर्ती नहीं किया।

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मृतक का नाम सुदर्शन रसल है। उनके भाई अविदान रसल ने कहा, 'यदि मेरे भाई को समय पर वेंटिलेटर पर रख दिया जाता तो उनकी जान बच सकती थी। लगभग आठ घंटों तक हम एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल दौड़ते रहे। हर अस्पताल में हमने अधिकारियों से उन्हें भर्ती करने की भीख मांगी। लेकिन हमारे सभी प्रयास विफल रहे। हमने उन्हें खो दिया।'
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रसल वर्ली में रहते हैं जो कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट है। यहां कम से कम 388 कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं, जो मुंबई में सबसे ज्यादा है। सुदर्शन को अक्सर खांसी और सांस लेने में समस्या होती थी। उन्हें मधुमेह और उच्च रक्तचाप भी था। उन्हें पिछले कुछ दिनों से हल्का जुकाम था। शुक्रवार रात को उन्हें सांस लेने में दिक्कत और उल्टियां होने लगी।
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जिसके बाद उनका परिवार उन्हें कस्तूरबा अस्पताल लेकर गया क्योंकि उन्हें लगा कि उन्हें संक्रमण हो गया है। अविदान ने आरोप लगाया कि डॉक्टर्स ने कोरोना परीक्षण किए बिना उनकी जांच की और कहा कि उन्हें कोविड-19 संक्रमण नहीं है। घर लौटने से पहले रातभर परिवार ने नायर अस्पताल, सेंट जॉर्ज, केईएम, ईएनटी, ग्लोबल, हिंदुजा और फिर नानावती अस्पताल के चक्कर काटे। 

परिवार ने बताया कि रसल की सुबह सांस लेने में दिक्कत होने की वजह से मौत हो गई। परिवार को नहीं पता था कि वह कोविड-19 से पीड़ित थे क्योंकि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के दिशानिर्देश मृत व्यक्ति से स्वैब इकट्ठा करने की अनुमति नहीं देते हैं। परिवार ने आरोप लगाया है कि बेड की कमी होने की वजह से उन्हें बीएमसी और निजी अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया।


रसल का परिवार वर्ली के भवन चॉल में रहता है जिसे पिछले हफ्ते कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया गया था। उनके घर से एक किलोमीटर की दूरी पर कोविड-19 का एक मामला मिला था। वर्ली के बहुत से क्षेत्रों को कंटेनमेंट घोषित किया गया है। रसल वर्ली और प्रभादेवी रेलवे स्टेशन के बीच के मार्ग पर टैक्सी चलाते थे।

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