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देश के 25 हाईकोर्ट में जजों के 414 पद खाली, 43 लाख से अधिक लंबित मामलों पर असर

Sat, 14 Sep 2019 04:57 AM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nilesh Kumar Updated Sat, 14 Sep 2019 04:57 AM IST
सार

  • इन हाईकोर्ट में 1079 पद स्वीकृत हैं, जिनमें 43 लाख से अधिक मामले लंबित पड़े हुए हैं
  • पिछले चार महीनों के दौरान सेवानिवृत्त, इस्तीफों या पदोन्नति से और ज्यादा वैकेंसी बढ़ी
  • इस साल जून में 399 तो मई में 396 पद, फरवरी में 400 और जनवरी में 392 पद खाली थे

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414 posts of judges in 25 high courts are vacant, More than 43 lakh pending cases affected
MP Highcourt

विस्तार

देश के 25 हाईकोर्ट में जजों के 414 पद खाली पड़े हैं। यह आंकड़ा इस साल अब का सबसे अधिक है। कानून मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश के हाईकोर्टों में 1079 जजों के पद स्वीकृत हैं। एक सितंबर को इनमें 414 पद रिक्त हैं। अगस्त में रिक्त पदों की संख्या 409 और जुलाई में 403 थी।

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इस साल जून में 399 तो मई में 396 पद जजों के खाली थी। अप्रैल में यह संख्या 399 तो मार्च में 394 थी। फरवरी में 400 और जनवरी में 392 पद रिक्त थे। 25 हाईकोर्ट में 43 लाख से अधिक मामले लंबित हैं।
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तीन सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम हाईकोर्ट जजों के लिए उम्मीदवारों के नाम की सिफारिश करती है। सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए शीर्ष कोर्ट के पांच न्यायाधीशों की पीठ नामों की सिफारिश करती है। 
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हाईकोर्ट कॉलेजियम अपने यहां के लिए उम्मीदवारों के नामों को छांटती है और इन्हें कानून मंत्रालय को भेजती है। इन उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि की जांच रिपोर्ट आईबी से मिलने बाद मंत्रालय इसे अंतिम निर्णय के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को भेजता है।

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