पिछले दो दशक में 40 कैदियों की हत्या, जेल में रची गई साजिश
डॉन बाबू बजरंगी की हत्या से गैंग नेटवर्क का जेल कनेक्शन सवालों के घेरे में है। यह पहली बार नहीं हुआ है कि किसी कुख्यात को किसी दूसरे गिरोह ने अपने जेल सेटिंग की मदद से मरवा दिया हो। इससे पहले भी कई बार बदमाशों की जेल सेटिंग के चलते हत्या की साजिशें रची गईं और हत्याएं हुईं। उधर तिहाड़ जेल के अंदर हुई गैंगवार में दो कैदियों की हत्या कर दी गई। एक दर्जन से ज्यादा कैदी बुरी तरह जख्मी हो गए। पिछले दिनों जेल के अंदर और जेल वैन में पांच हत्याएं हो चुकी हैं।
बुधवार दोपहर को हुई इस घटना में डिस्पेंसरी से हाई रिस्क वॉर्ड की ओर ले जा रहे एक कैदी पर तीन कैदियों ने जानलेवा हमला किया। और उसे नुकीले हथियार से घायल कर उसकी हत्या कर दी गई। ये भारत की सबसे हाई-प्रोफाइल जेल भी है, जिसमें भ्रष्टाचार के मामलों में अभियुक्त कई नेता और कारोबारियों को हिरासत में रखा गया है।
उधर इंदौर सेंट्रल जेल में शार्प शूटर और कुख्यात बदमाश अर्जुन त्यागी की गोली मारकर हत्या के मामले में जेल प्रबंधन की लापरवाही भी सामने आई है। एडीजी सीवी मुनिराजू ने प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। इसके आधार पर जेल में पदस्थ बड़े अफसर से लेकर छोटे कर्मचारी तक घेरे में आ गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन सब पर गाज गिर सकती है।
इंदौर सेंट्रल जेल में 4 सितंबर को सुबह 9.30 बजे हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में जेल में बंद जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू निवासी बागली ने बैरक 4 में रह रहे शार्प शूटर अर्जुन त्यागी की गोली मारकर हत्या की थी। प्रदेश की जेल के भीतर हत्या का यह पहला मामला है। घटना वाले दिन ही डीजी जेल सुरेंद्रसिंह ने पांच अफसर और कर्मचारी डिप्टी सुपरिंटेंडेंट सुजीत खरे, असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट रमेश मरावी, मुख्य प्रहरी और दो प्रहरियों को तत्काल निलंबित कर दिया था।
इतना ही नहीं राजधानी की अतिसुरक्षित रोहिणी जेल में भी सोमवार रात एक विचाराधीन कैदी की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। मृतक का नाम पवन है और वह चोरी के एक मामले में यहां बंद था। सूत्रों का कहना है कि हत्या की इस वारदात को किशन नामक कैदी ने अंजाम दिया है, वह पहले से हत्या के एक मामले में जेल में बंद है।
जेल अधिकारियों ने हत्या की वारदात के पीछे गैंगवार की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि वारदात कैदियों के बीच मनमुटाव को लेकर हुई है। बता दें कि तिहाड़ और रोहिणी जेल में पहले भी हत्या की कई वारदात हो चुकी हैं। इस सिलसिले में जेल प्रशासन ने डयूटी के दौरान लापरवाही बरतने पर जेल अधीक्षक तथा वार्डन स्तर के अधिकारियों को निलंबित किया था।
बागपत की जेल में अंडरवर्ल्ड डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की सोमवार सुबह हत्या की गई। उसकी हत्या का आरोप कुख्यात बदमाश सुनील राठी पर लगा है। कहा यह भी जा रहा है कि सुनील राठी ने ही सुपाही लेकर मुन्ना बजरंगी की हत्या की है। मुन्ना मुख्तार अंसारी का दाहिना हाथ कहा जाता था।
बताया जा रहा है कि सुनील राठी का भाई पूर्वांचल जेल में बंद है। जहां उसके साथ हाल ही में मारपीट की गई थी। यही नहीं इस घटना के बाद मुन्ना ने सुनील राठी से पूछा था कि क्या तुमने मेरे नाम की सुपारी ले रखी है। जेलों में सुपारी लेने-देने का ये कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी कई कुख्यातों की हत्या की साजिश जेल से ही अंजाम दी गई।
यहां तक कि मुंबई की बाइकला जेल की महिला जेलर और पांच महिला गार्ड्स पर भी आरोप लगा कि उन्होंने एक महिला कैदी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। 38 वर्षीय महिला कैदी मंजुला शेट्ये की हत्या के आरोप में पुलिस ने इन छह महिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया। मुंबई पुलिस की प्रवक्ता रश्मि करंदीकर ने स्थानीय पत्रकार अश्विन अघोर से बातचीत में कहा था कि मामले की जांच जारी है।