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क्या भारत लौट पाएंगे इराक में फंसे 39 भारतीय?
बीबीसी हिन्दी
Updated Mon, 17 Jul 2017 06:45 PM IST
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इराक़ में लापता 39 भारतीयों के वतन लौटने की संभावनाएं फिर जगी हैं।
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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दिल्ली में रविवार को इराक में फंसे 39 भारतीयों के परिजनों से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने ट्विटर पर इस मुलाकात की जानकारी शेयर की।
इन परिवारों से सुषमा स्वराज की मुलाकात के दौरान विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह भी मौजूद थे। ये मुलाकात इसलिए भी खास है। क्योंकि हाल ही में वीके सिंह ने इराक़ के मूसल इलाके में पेशमर्गा फ्रंटलाइन का दौरा किया।
वीके सिंह ने इराक की तस्वीरों के साथ ट्वीट किया- मूसल इलाके में बंदी भारतीयों की खोज में पेशमर्गा की फ्रंटलाइन पर। वीके सिंह ने इस दौरे में इराक के विदेश मंत्री डॉ इब्राहिम अल जाफरी से भी मुलाकात की थी। कुछ मीडिया रिपोर्टस में ये दावा किया जा रहा है कि वीके सिंह ने इराकी दौरे में वहां फंसे भारतीयों को बचाने के लिए जरूरी बैठकें कीं।
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साल 2014 में इराक में 39 भारतीयों के चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के द्वारा अगवा किए जाने की मीडिया रिपोर्ट्स आई थीं। 24 जुलाई को इराक के विदेश मंत्री इब्राहिम अल-इशाकिर अल-जाफरी भारत दौरे पर आने वाले हैं। ऐसे में इस बात की संभावना है कि इस मामले में कुछ नई सकारात्मक ख़बर आ सकती है।
हाल ही में इराकी प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने मूसल को चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के कब्जे से आजाद होने का ऐलान किया था। इराकी सेनाएं पिछले साल 17 अक्तूबर से मूसल में कथित इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों के खिलाफ लड़ रही थी। मूसल पर जून 2014 से कथित इस्लामिक स्टेट का कब्जा था। ये वही दौर था।
जब इराक में 40 भारतीयों के अगवा किए जाने की ख़बरें आईं थीं।विदेश मंत्रालय ने 20 जून 2014 को इन 40 में से एक भारतीय के बचकर निकलने की पुष्टि की थी। वहीं, मई 2015 में इराक गए लोगों में से वापस आए हरजीत मसीह ने दावा किया कि कथित तौर पर फंसे भारतीयों की आईएस लड़ाकों ने गोली मारकर जान ले ली है। हालांकि सुषमा स्वराज ने तब हरजीत के दावों को गलत बताया था।
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इन परिवारों से सुषमा स्वराज की मुलाकात के दौरान विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह भी मौजूद थे। ये मुलाकात इसलिए भी खास है। क्योंकि हाल ही में वीके सिंह ने इराक़ के मूसल इलाके में पेशमर्गा फ्रंटलाइन का दौरा किया।
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वीके सिंह ने इराक की तस्वीरों के साथ ट्वीट किया- मूसल इलाके में बंदी भारतीयों की खोज में पेशमर्गा की फ्रंटलाइन पर। वीके सिंह ने इस दौरे में इराक के विदेश मंत्री डॉ इब्राहिम अल जाफरी से भी मुलाकात की थी। कुछ मीडिया रिपोर्टस में ये दावा किया जा रहा है कि वीके सिंह ने इराकी दौरे में वहां फंसे भारतीयों को बचाने के लिए जरूरी बैठकें कीं।
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साल 2014 में इराक में 39 भारतीयों के चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के द्वारा अगवा किए जाने की मीडिया रिपोर्ट्स आई थीं। 24 जुलाई को इराक के विदेश मंत्री इब्राहिम अल-इशाकिर अल-जाफरी भारत दौरे पर आने वाले हैं। ऐसे में इस बात की संभावना है कि इस मामले में कुछ नई सकारात्मक ख़बर आ सकती है।
हाल ही में इराकी प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने मूसल को चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के कब्जे से आजाद होने का ऐलान किया था। इराकी सेनाएं पिछले साल 17 अक्तूबर से मूसल में कथित इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों के खिलाफ लड़ रही थी। मूसल पर जून 2014 से कथित इस्लामिक स्टेट का कब्जा था। ये वही दौर था।
जब इराक में 40 भारतीयों के अगवा किए जाने की ख़बरें आईं थीं।विदेश मंत्रालय ने 20 जून 2014 को इन 40 में से एक भारतीय के बचकर निकलने की पुष्टि की थी। वहीं, मई 2015 में इराक गए लोगों में से वापस आए हरजीत मसीह ने दावा किया कि कथित तौर पर फंसे भारतीयों की आईएस लड़ाकों ने गोली मारकर जान ले ली है। हालांकि सुषमा स्वराज ने तब हरजीत के दावों को गलत बताया था।